47 गांवों में भारत माता की गूंज...लहराया तिरंगा, देश के इस राज्य में मनाया लोकतंत्र का पहला उत्सव

47 गांवों में भारत माता की गूंज...लहराया तिरंगा, देश के इस राज्य में मनाया लोकतंत्र का पहला उत्सव

Chhattisgarh Republic Day: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में आज एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब 47गांवों में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया गया और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। दरअसल, इन गांवों में दशकों से माओवादी आतंक का साया रहा था, जिसकी वजह से राष्ट्रीय पर्व मनाना असंभव था। लेकिन सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाइयों और सरकारी योजनाओं के चलते अब यहां लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हो रही हैं।

बता दें, ये गांव मुख्य रूप से बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में स्थित हैं। कुछ प्रमुख गांवों में बेलनार, कोंडापल्ली, उल्लुर (बीजापुर), पिल्लुर, दोडीसोमार, कमलुर (दंतेवाड़ा), अंजागर, जटूर, बैपेटा, कोडनार (नारायणपुर) और पलागुड़ा, नागाराम (सुकमा) शामिल हैं। स्थानीय निवासियों ने उत्साह से झंडा रोहण किया और राष्ट्रीय गान गाया, जो इन इलाकों में शांति और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक है।

खत्म हुआ नक्सलवाद का खौफ

मालूम हो कि बस्तर क्षेत्र लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद की चपेट में रहा है, जहां माओवादियों ने राष्ट्रीय त्योहारों पर बहिष्कार का फरमान जारी कर रखा था। जिस वजह से ग्रामीणों को डर के साए में जीना पड़ता था, लेकिन पिछले दो सालों में केंद्र और राज्य सरकार की रणनीति ने स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने 250से ज्यादा माओवादियों को ढेर किया, 1,000से ज्यादा गिरफ्तार किए, जबकि लगभग 870से ज्यादा ने आत्मसमर्पण किया। नक्सलवादियों को जड़ से हटाने के लिए प्रभावित इलाकों में 59नए कैंप स्थापित किए गए हैं। अब इन गांवों में सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं, संचार नेटवर्क और बैंकिंग सुविधाएं पहुंच रही हैं।

विकास की मुख्यधारा में शामिल हुआ छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने पर जोर दे रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा 'बस्तर अब हिंसा की छाया से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहा है। इन 47 गांवों में 26 जनवरी, 2026 को फहराया गया तिरंगा शांति, लोकतंत्र और बस्तर के नए आरंभ का प्रबल प्रतीक है।' उन्होंने आगे कहा 'नक्सल हिंसा जहां विकास का रास्ता रोकती थी, वहां आज अच्छी शासन व्यवस्था ने बैंकिंग जैसी सुविधाएं शुरू की हैं, जो परिवर्तन, विकास और विश्वास का प्रतीक है।'

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