
Himachal Heavy Snowfall:हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बर्फबारी और बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य के ऊपरी इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है, जबकि निचले क्षेत्रों में भूस्खलन और बर्फीली सड़कों ने यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया है। राज्य आपातकालीन ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 885 सड़कें बंद हैं, जिनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। इसके अलावा 3,237 बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं और 121 पेयजल योजनाएं बाधित हैं, जिससे हजारों परिवारों को बिजली और पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले और सड़कें
बता दें, हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक प्रभाव लाहौल-स्पीति जिले में देखा जा रहा है, जहां 292 सड़कें बंद हैं। चंबा में 105, ऊना में 70, मंडी में 64 और अन्य जिलों में भी दर्जनों सड़कें बर्फ और भूस्खलन से अवरुद्ध हैं। दो राष्ट्रीय राजमार्गों एनएच-03 (लेह-मनाली) और NH-505 (काजा-ग्राम्फू) के बंद होने से मनाली और शिमला जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच मुश्किल हो गई है। कुल्लू में 800 से ज्यादा सड़कें प्रभावित हैं, जबकि शिमला और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बर्फीली सड़कों पर ब्लैक आइस की वजह से वाहनों का फिसलना आम हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
बिजली-पानी की आपूर्ति पर असर
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के कारण बिजली लाइनों पर बर्फ जमा होने और पेड़ गिरने से हजारों ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए हैं। राज्य में कुल 4,800 से ज्यादा बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित बताए जा रहे हैं, जिससे शिमला, मनाली, कुफरी, दालहौजी और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। पेयजल योजनाओं के बाधित होने से साफ पानी की कमी हो गई है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन लगातार बर्फबारी से इसमें देरी हो रही है।
पर्यटकों की मुश्किलें और फंसे लोग
मनाली और शिमला जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं। कई पर्यटक वाहनों में रात गुजारने को मजबूर हैं, क्योंकि सड़कें बंद होने से वे आगे नहीं बढ़ पा रहे। दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: राज्य आपदा हेल्पलाइन 1070, जिला हेल्पलाइन 1077।
अधिकारियों ने पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने 30 जनवरी तक और भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बर्फबारी एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण है, जो उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है।
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