Rahul Gandhi target ECI: CEC के खिलाफ INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि विपक्ष आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा और अगर दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन से कोई असुविधा है, तो उसे कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए। बता दें, इससे पहले इंडिया ब्लॉक सांसद निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय, निर्वाचन सदन की ओर बढ़े, जहां उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया। इसके बाद, सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय से लगभग 100 मीटर दूर स्थित आकाशवाणी परिसर के अंदर धरना प्रदर्शन किया। राहुल गांधी समेत कई सांसद निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक पहुंचने की कोशिश में बैरिकेड फांदते नजर आए।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा 'हमें यहां विरोध प्रदर्शन करने में कोई समस्या नहीं है... हम अपना विरोध यहीं जारी रखेंगे... अगर उन्हें (दिल्ली पुलिस को) हमारे यहां विरोध प्रदर्शन करने से असुविधा है, तो वे हमें विरोध प्रदर्शन के लिए कोई और जगह उपलब्ध करा सकते हैं...संविधान हमें विरोध दर्ज कराने की अनुमति देता है।' बताते चले कि इंडिया ब्लॉक की कई पार्टियों के नेताओं ने मार्च में भाग लिया और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर अपनी चिंता व्यक्त की। दरअसल, यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित व्यापक 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत विपक्ष के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
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सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प और हिरासत
विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव तब बढ़ गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और इंडिया ब्लॉक समर्थकों ने निर्वाचन सदन में जबरन घुसने की कोशिश की, जिससे सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हुई। मार्च के बाद इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के कारण आकाशवाणी भवन में प्रवेश करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। एक पुलिस अधिकारी ने भवन के बाहर जमा हुए भारतीय युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं को भी जगह खाली करने का निर्देश दिया और घोषणा की कि वहां किसी भी प्रकार का जमावड़ा अवैध है। अधिकारी ने चेतावनी दी कि सहयोग न करने वालों को हिरासत में लिया जाएगा। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को बाद में एक बस में ले जाया गया।
विपक्ष के 300 सांसदों को हटाया गया
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहे विपक्षी प्रतिनिधियों को प्रवेश न देने के लिए चुनाव आयोग और पुलिस को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा 'विपक्ष के 300 सांसदों को वहां से हटा दिया गया, इसलिए मैं यहां आकर बैठ गया। हम सिर्फ ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। हम सभी लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी सांसद हैं और हम उनसे बात करना चाहते हैं। पता नहीं चुनाव आयोग हमसे बात क्यों नहीं करना चाहता। करोड़ों लोगों ने हमें वोट दिया है। हम सिर्फ सवाल पूछना चाहते हैं, लेकिन वे जवाब नहीं देना चाहते।'
केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने आगे कहा 'लोकतंत्र खत्म हो चुका है। नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह, मोहन भगवत और ज्ञानेश कुमार ने मतदान को खत्म कर दिया है। देश यह समझ चुका है। एक तरह से नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी ने देश पर कब्जा कर लिया है। हम ‘संविधान को बचाने’ की कोशिश कर रहे हैं।'
कैसे शुरू हुआ ये विवाद?
दरअसल, यह नया विवाद इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 14 आपत्तियां उठाई थीं। चुनाव आयोग का कहना है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। विपक्षी नेताओं ने फॉर्म 6 में किए गए संशोधन पर भी सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं के नामांकन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म 6 के किसी भी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी थी।