Jantar Mantar Protest: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे है। इस मांग को लेकर बीते दिन 02 अक्टूबर 2026 शुक्रवार के दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट हुआ। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी, जिसके तहत विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। बावजूद इसके आज 03 अक्टूबर 2026 शनिवार को एक बार फिर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, योगेंद्र यादव समेत कई एक्टिविस्ट ने आज जंतर-मंतर दोपहर 1 बजे लोगों से जुटने का ऐलान किया है। उन्होंने लोगों से इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील है।
इस ऐलान के बाद से दिल्ली पुलिस एक बार फिर इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जंतर-मंतर रोड, जनपथ, संसद मार्ग, टॉलस्टॉय मार्ग और अशोक रोड पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए बताया है कि इन इलाकों में आने-जाने वाले लोगों से उनके पहचान पत्र मांगे जा रहे है। साथ ही, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना कारण की पुष्टि किए किसी को भी बैरिकेडिंग वाले इलाकों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा पुलिस ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की तैनाती भी की है।
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विरोध प्रदर्शन का कारण
हालांकि, यह विवाद दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में बीते दिन मुंबई के शिवाजी पार्क में भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। बता दें, यह विरोध प्रदर्शन AISA, राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण द्वारा बुलाया गया है। आयोजक मतदाता सूचियों और चुनाव संचालन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं। यह विवाद इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास और अन्य चुनावी मामलों से संबंधित निर्णयों और प्रक्रियाओं पर 10 महीनों की अवधि में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।