ऑनलाइन निवेश फ्रॉड का भंडाफोड़, व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन निवेश फ्रॉड का भंडाफोड़, व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

Crime News: मामला है 30.09.2025, जब एक पीड़ित व्यक्ति द्वारा पुलिस थाना साईबर अपराध मानेसर, गुरुग्राम में एक लिखित शिकायत दी गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि व्हाट्सएप ग्रुप व फर्जी मोबाइल ऐप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग एवं आईपीओ में निवेश करकेअधिक मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर इसके साथ धोखाधड़ी की गई है। प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना साईबर अपराध मानेसर में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।

आरोपियों की गिरफ्तारी

प्रियान्शु दिवान HPS, सहायक पुलिस आयुक्त, साईबर अपराध, गुरुग्राम के नेतृत्व में निरीक्षक मनोज कुमार, प्रबन्धक थाना साईबर अपराध मानेसर की उनकी पुलिस टीम द्वारा मामले की गंभीरता से जांच करते हुए इस संगठित साईबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया गया तथा इस अपराध में संलिप्त 03आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल निवासी गांव खोड़ा, जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश), धर्मेंद्र निवासी गांव खोड़ा जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश) और असलम निवासी गांव खिजरा, जिला हापुड़ (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी विशाल व धर्मेंद्र को दिनांक 10.11.2026को गांव खोड़ा, गाजियाबाद से गिरफ्तार करके 11.01.2026को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 02दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया। वहीं आरोपी असलम को दिनांक 11.01.2026को लक्ष्मी नगर, दिल्ली से गिरफ्तार करके दिनांक 12.01.2025को माननीय में पेश किया गया तथा 02दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।

पुलिस पूछताछ से क्या पता चला?

पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने आया कि इस अभियोग में ठगी गई राशि में से 03लाख रुपये एक रतिक अहमद नामक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। रतिक के उस बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का सिमकार्ड उक्त आरोपी विशाल रखता था, बाद में आरोपी विशाल ने यह सिमकार्ड अपने एक अन्य साथी को प्रयोग करने के लिए दे दिया था। आरोपी विशाल व धर्मेंद्र ने यह भी स्वीकार किया कि ये साईबर ठगी करने वाले उपरोक्त आरोपी असलम के लिए कार्य करते थे और इन्हें प्रतिमाह 20हजार रुपए वेतन के रूप में मिलते थे। दिनांक 11.01.2026को लक्ष्मी नगर, दिल्ली स्थित आरोपी असलम के किराए के मकान पर पुलिस टीम द्वारा रेड करके उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी असलम ने पुलिस पूछताछ में बताया कि इसने यह कमरा 20हजार रुपये मासिक किराए पर लिया हुआ था तथा यह अपने अन्य साईबर ठगों के कहने पर ठगी की रकम को एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते (लेयरिंग) में ट्रांसफर करने का कार्य करता था, जिसके बदले इसे ट्रांसफर की गई राशि का 01प्रतिशत कमीशन प्राप्त होता था।

आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड

आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड के अवलोकन से पता चला कि आरोपी धर्मेंद्र के विरुद्ध उत्तर-प्रदेश व दिल्ली में साईबर ठगी करने से संबंधित 03 अभियोग, आरोपी असलम के विरुद्ध नोएडा, उत्तर-प्रदेश में साईबर ठगी करने का 01 अभियोग पहले भी अंकित है। पुलिस टीम द्वारा रेड एवं तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जा से कुल 22 मोबाईल फोन व 01 लैपटॉप बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी विशाल व धर्मेंद्र को 02 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड के उपरांत दिनांक 13.01.2026 को तथा आरोपी असलम को 02 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड के उपरांत दिनांक 14.01.2026 को माननीय अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अभियोग का अनुसंधान जारी है।

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