मंदिर बनाने के बाद कारीगरों के कटवा दिए थे हाथ, जानें इस रहस्यमय मंदिर के कई राज

मंदिर बनाने के बाद कारीगरों के कटवा दिए थे हाथ, जानें इस रहस्यमय मंदिर के कई राज

नई दिल्ली: भारत एक ऐसा देश है जहां हर देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। देश में कई ऐसे भी मंदिर है जिससे चमात्कारी मंदिर माना जाता हैं। जिसकी मान्यता बहुत होती है और उन मंदिरों के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग  जाते है। ऐसे ही एक बिहार में प्राचीन मंदिर है। जो देशभर में प्रसिद्ध है। लेकिन इस मंदिर में कई रहस्य दबे हुए है। जिनका पता आज तक नहीं लग पाया है।

बिहार के सीतामढ़ी में यह रहस्यमयी मंदिर स्थित है। इस ऐतिहासिक मंदिर को रानी मंदिर(स्वर्ण मंदिर) के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर से कई किस्से और कहानियां जुड़ी हुई हैं। इस मंदिर का निर्माण लगभग डेढ़ एकड़ जमीन में किया गया है और इसकी बनावट आगरा के ताजमहल से मिलती जुलती है। इस मंदिर की बनावट भी बेहद खूबसूरत है। इसके खंभों पर शानदार नक्काशी की गई है जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाती हैं।

कहा जाता है कि रानी राजवंशी कुंवर ने मंदिर को बनाने वाले चार कारीगरों के हाथ को कटवा दिया था। उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि इस मंदिर की तरह कोई और मंदिर ना बन सके। मजदूरों के परिवारों की देखभाल पूरी उम्र रानी ने की। मंदिर के पीछे दीवार पर इसका निर्माण करने वाले मजदूरों की प्रतिमाएं बनाई गई हैं जो इस बात के सबूत हैं। लेकिन इसके कोई सबूत नहीं हैं। इस मंदिर के कई रहस्य हैं जिनमें ईंट के अंदर मौजूद गुफा भी शामिल है।

रात के अंधेरे में रोशनी दिखाई देती है और पायल की झंकार की आवाज आती है औऱ यह आवाज 2 किलोमीटर तक सुनाई देती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि यह पायल की आवाज रानी राजवंशी कुंवर की है। इस मंदिर के सोने के मुकुट और सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं। यह भी कहा जाता इनको दंबगों ने उस पर कब्जा कर लिया है।

बताया जाता है कि मंदिर के तहखाने में अकूत खाजाना है, लेकिन इसके भीतर जाकर वापस आना मुश्किल है। इसमें जहीरले सांप रहते हैं जो लोगों को शिकार बना लेते हैं। नेपाल से छपने वाली एक पुस्तक में यह दावा किया गया है। इस मंदिर से जुड़े रहस्यों से आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है।

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