
IPS Story Sanjai Kumar: मुजफ्फरनगर में पुलिस और कुख्यात बदमाश अमजद के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई। इस दौरान अमजद ने आईपीएस अधिकारी संजय कुमार की गाड़ी पर कार्बाइन से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अमजद मारा गया। जानकारी के अनुसार, एसपी देहात संजय कुमार अपनी टीम के साथ घेराबंदी के लिए निकले थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि 50 हजार रुपये का इनामी अमजद इलाके में छिपा हुआ है। उसके खिलाफ 40 से ज्यादा हत्या, डकैती और लूट जैसे संगीन मामले दर्ज थे।
अमजद ने बनाया पुलिस की गाड़ी को निशाना
घेराबंदी के दौरान अचानक अमजद ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। उसने एसपी की गाड़ी को निशाना बनाया। हमले में गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए। फायरिंग में उप निरीक्षक संदीप कुमार और कांस्टेबल अशफाक को गोली लगी। हालांकि दोनों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद अमजद गोली लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से पुलिस ने एक बाइक, एक पिस्टल और एक कार्बाइन बरामद की है।
कौन हैं संजय कुमार?
संजय कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे मूल रूप से आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 14 जुलाई 1970 को हुआ था। उनके पिता का नाम अनंत प्रसाद है। उन्होंने दर्शनशास्त्र में बीए किया है। वर्ष 1997 में वे पुलिस सेवा में शामिल हुए और 2014 में उन्हें आईपीएस में पदोन्नति मिली। वर्तमान में वे मुजफ्फरनगर में एसएसपी के पद पर तैनात हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है। इलाके में अब शांति है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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