MP सिपाही परीक्षा घोटाले का भंडाफोड़, आधार में अपनी पहचान बदलकर असली कैडिडेट्स की जगह बैठा सॉल्वर

MP Constable Exam: फिल्म मुन्ना भाई के तरह अजब एमपी से गजब मामला सामने आया है। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जहां ग्वालियर के चंबल अंचल में 17 नवचयनित आरक्षकों सहित अब तक 19 अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं। इन अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फोटो और बायोमेट्रिक डेटा बदलकर सॉल्वरों के जरीए असली कैडिडेट्स की जगह नकली कैडिडेट्स ने परीक्षा दिया, पास भी हो गए। और न केवल रिटेन एग्जाम पास किया बल्कि पुलिस कांस्टेबल का फिजिकल टेस्ट भी पास कर लिया। लेकिन जब बारी जॉइनिंग की आई तो नकली की जगह असली कैडिडेट्स पहुंच गए।
लाखों कैडिडेट्स के जॉवानिंग के दौरान जब पुलिस को मुरैना के रहने वाला राम रूप गुर्जर जो अलीराजपुर जिला एसपी कार्यालय में जॉइनिंग लेने आया था। तब जॉइनिंग से पहले उसके आधार कार्ड की जांच के दौरान अफसरों को शक हुआ। थोड़ी और जांच की गई तो पता चला कि राम रूप गुर्जर के आधार में लिखित परीक्षा और बाद में अपडेट हुआ है। जिलके बाद पुलिस की एक टीम भोपाल जाकर कर्मचारी चयन मंडल से राम रूप के दस्तावेज खंगाल कर देखा और फिंगर प्रिंट मैच किए गए तो पता चला कि परीक्षा देने वाले और जॉइनिंग करने आए व्यक्ति के फिंगर प्रिंट अलग-अलग हैं। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर राम रूप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि उसकी जगह बिहार के रहने वाले सॉल्वर अमरेंद्र सिंह ने 1 लाख रुपए लेकर परीक्षा दी थी।
आधार कार्ड में हेरफेर का खेल
जांच में पता चला कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा से पहले अपने आधार कार्ड में सॉल्वरों के फोटो और फिंगरप्रिंट अपडेट करा कर, परीक्षा के बाद, असली कैडिडेट्स ने फिर से अपनी असली पहचान आधार में अपडेट कर जॉइनिंग की प्रक्रिया के लिए तैयार हो गया। पुलिस ने इस फर्जीवाड़े को उजागर कर के व्यापक जांच शुरू कर दी है।
जांच में आधार अपडेट करने वाले कियोस्क संचालकों को भी गिरफ्तार किया गया है। सीएसपी मुरैना दीपाली चंदौरिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में नवचयनित आरक्षकों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की जांच से यह साफ हुआ कि सॉल्वरों ने न केवल लिखित परीक्षा दी, बल्कि फिजिकल टेस्ट भी पास किया।
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