सरकार का केवी सुब्रमण्यन को लेकर बड़ा एलान, कार्यकाल खत्म होने के पहले ही नियुक्ति रद्द

सरकार का  केवी सुब्रमण्यन  को लेकर बड़ा एलान, कार्यकाल खत्म होने के पहले ही नियुक्ति रद्द

KVShubramanian: इंटरनेशनल मॉनेटरफंड में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियूक्त डॉ. कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन की नियुक्ति रद्द केंद्र सरकार द्वारा  समय से पहले ही खत्म कर दी गई हैं । वह 1 नवंबर, 2022 से इस पद पर थे। ये फैसला पाकिस्तान को दी गई फाइनेंशियल सुविधाओं पर आईएमएफ बोर्ड की अहम रिव्यू मीटिंग से पहले लिया गया । IMF में  सुब्रमण्यन के 3 साल की अवधि को समाप्त होने में अभी 6 महीने का वक्त बाकी हैं । लेकिन उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही भारत सरकार ने  उनको तत्काल वापस बुला लिया गया। 
 
क्यों बर्खास्त  हुए केवी सुब्रमण्यन ? 
 
ये फैसला प्रधानमंत्री द्वारा निर्देशित ACC की ओर से लिया गया है। आदेश में कहा गया कि मंत्रीमंदल की नियुक्ति समिति ने इंटरनेशनल मॉनेटरफंड  में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियूक्त डॉ. कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की अनुमति दे दी हैं , हालंकि ACC ने इस आदेश के पीछे का कारण अभी नहीं बताया हैं ।
 
कौन हैं डॉ. कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन ?
 
केवी सुब्रमण्यन भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुकें हैं । उन्होंने साल 2018 से 2021 तक सबसे युवा सीईए का खिताब भी हासिल किया था । 
 
दुनिया के दिग्गजों  में भी नाम शामिल
 
बैंकिंग, कॉर्पोरेट सेक्टर और आर्थिक नीति में भी दुनिया के दिग्गजों में कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन का शामिल हैं। इनके द्वारा  बैंकिंग, लॉ एंड फाइनेंस, इनोवेशंस, इकोनॉमिक ग्रोथ और कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसे कई विषयों पर लिखे गए रिसर्च पेपर्स दुनिया के प्रमुख जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं । इन्होने कोरोना महामारीके दौरान चल रही आर्थिक अशांति के माहौल में भी पॉलिसी बनाकर देश के हिट में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। साथ ही वे आरबीआई और सेबी की एक्सपर्ट कमेटी का हिस्सा भी रह चुके हैं। अब देखना ये होगा कि भारत सरकार द्वारा ऐसे दिग्गज को पद से हटाने के पीछे क्या कारण बताया जाता हैं । 
 

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