Middle East War: ईरान से लौटे 8 भारतीय नाविक, 3 महीने बाद परिवारों से मिले

Middle East War: ईरान से लौटे 8 भारतीय नाविक, 3 महीने बाद परिवारों से मिले

Middle East War: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और जंग के माहौल के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान में हिरासत में लिए गए भारतीय नाविकों में से बाकी बचे आठ सदस्य अब सुरक्षित अपने वतन लौट आए हैं। इन नाविकों की वापसी से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। ये सभी नाविक यूएई बेस्ड टैंकर MT Valiant Roar पर सवार थे, जिसे 8 दिसंबर 2025 को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जब्त कर लिया था। ईरान की ओर से आरोप लगाया गया था कि जहाज 6000 टन ईंधन की तस्करी कर रहा था। हालांकि जहाज चलाने वाली कंपनी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि टैंकर वैध लो-सल्फर फ्यूल ऑयल लेकर जा रहा था।

नाविकों करना पड़ा कठिन हालात का सामना

रविवार, 22 मार्च को कैप्टन विजय कुमार समेत आठ भारतीय नाविकों का आखिरी समूह बंदर अब्बास से रवाना हुआ। ये नाविक टैक्सी के जरिए करीब 2000 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर आर्मेनिया बॉर्डर तक पहुंचे, जहां से उनकी भारत वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इससे पहले, 16 में से पहले आठ नाविकों को 11 फरवरी 2026 को रिहा कर दिया गया था। उनकी रिहाई में दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप की अहम भूमिका रही थी। हिरासत के दौरान नाविकों को कई कठिन हालात का सामना करना पड़ा। कुछ को बंदर अब्बास की जेल में रखा गया, जबकि बाकी को जहाज पर ही रोका गया था।

भारत सरकार ने निभाई सक्रिय भूमिका

लंबे समय तक परिवार से संपर्क न होने के कारण नाविकों के घरवालों में चिंता बनी रही। हालांकि जनवरी में पहली बार उन्हें अपने परिवारों से बात करने की अनुमति मिली, जिससे परिजनों को बड़ी राहत मिली। इस पूरे मामले में भारत सरकार ने सक्रिय भूमिका निभाई। विदेश मंत्रालय और बंदर अब्बास स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने लगातार कोशिश कर नाविकों को कांसुलर एक्सेस दिलाया और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। हालांकि क्षेत्र में जारी जंग और अस्थिर हालात के कारण आखिरी बैच की वापसी में देरी हुई, लेकिन अब सभी भारतीय नाविक सुरक्षित घर लौट चुके हैं। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि संकट के समय भारत अपने नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है।

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