कोरापुट में नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता! माओवादी लीडर हिडमा गिरफ्तार

Hidma Arrested: ओडिशा के कोरापुट जिले में पुलिस और जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) ने एक संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में कुख्यात माओवादी नेता कुंजम हिडमा उर्फ मोहन को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियान ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के त्रि-जंक्शन क्षेत्र में चलाया गया, जो नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। हिडमा की गिरफ्तारी से माओवादी संगठनों को करारा झटका लगा है।
हथियारों का जखीरा बरामद
सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया है। बरामद सामान में एक AK-47 राइफल, 35 राउंड गोलियां, 117 डेटोनेटर, बारूद, वायरलेस रेडियो, चाकू और माओवादी साहित्य शामिल हैं। यह सामग्री नक्सलियों की हिंसक योजनाओं को दर्शाती है, जिन्हें अब नाकाम कर दिया गया है। कोरापुट पुलिस ने इस अभियान को सुनियोजित और गोपनीय तरीके से अंजाम दिया, जिससे नक्सलियों को भागने का मौका नहीं मिला।
नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई
हाल ही में, 21 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक बड़े एनकाउंटर में नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज को मार गिराया गया था। उन पर 10 करोड़ रुपये का इनाम था। इस घटना के बाद हिडमा की गिरफ्तारी ने सुरक्षा बलों की सक्रियता और दृढ़ता को फिर से साबित किया है। हालांकि, माडवी हिडमा जैसे कई अन्य खूंखार नक्सली अभी भी फरार हैं। माडवी हिडमा पर 45 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का इनाम घोषित है। इसके अलावा, झारखंड में असीम मंडल, पतिराम मांझी और मिसिर बेसरा जैसे नक्सलियों पर भी भारी इनाम हैं।
सुरक्षा बलों की चुनौती बरकरार
हिडमा की गिरफ्तारी के बावजूद नक्सली खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। माओवादी कमांडरों पर लगातार नकेल कसने के लिए सुरक्षा बल चौकस हैं। कोरापुट पुलिस और डीवीएफ की इस सफलता ने क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्थानीय लोग भी इस कार्रवाई से राहत महसूस कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि नक्सलवाद का खात्मा जल्द होगा।
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