'मैं खुद एनसीसी कैडेट रहा हूं', 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने की युवाओं से खास अपील

'मैं खुद एनसीसी कैडेट रहा हूं', 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने की युवाओं से खास अपील

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'मन की बात'कार्यक्रम के 116 वां एपिसोड संबोधित किया। आज के इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा 'आज एनसीसी दिवस है। मैं स्वयं ही एनसीसी कैडेट रहा हूं। एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और सेवा की भावना पैदा करती है। जब भी कहीं आपदा होती है तो वहां मदद के लिए एनसीसी के कैडेट्स जरूर मौजूद होते हैं।' पीएम मोदी आगे कहते है 'आज एनसीसी को मजबूत करने के लिए लगातार काम किए जा रहे है। अब एनसीसी में गर्ल्स कैडेट्स की संख्या 40 प्रतिशत अधिक हो गई है।

बता दें, पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को 22 भारतीय भाषाओं में प्रसारित किया जाता हैं। इसके साथ इसे 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी प्रसारित किया गया। मन की बात का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो (AIR) के 500 से अधिक प्रसारण केंद्रों पर किया गया। 

युवा पीढ़ी कर रही हैं लोगों को जागरूक

पीएम मोदी मन की बात में अक्सर ऐसे युवाओं की चर्चा करते हैं जो निस्वार्थ भाव से समाज के लिए काम कर रहे हैं। मोदी कहते है ऐसे कई युवा हैं जो लोगों की समस्याओं का समाधान निकालने में जुटे हैं। कई शहरों में युवा बुजुर्गों को डिजिटल क्रांति में भागीदार बनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट से बचाने के लिए भी युवा पीढ़ी लोगों को जागरूक कर रही हैं। इस तरह के अपराध के शिकार ज्यादातर बुजुर्ग ही बनते हैं। हमें लोगों को समझाना होगा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी प्रावधान नहीं है। मुझे खुशी है कि युवा साथी इस काम में हिस्सा ले रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। 

बच्चों की पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी बात की हैं। उन्होंने कहा कि आज कल बच्चों की पढ़ाई को लेकर कई प्रयोग हो रहे हैं। इसके लिए चेन्नई में बच्चों के लिए एक ऐसी लाइब्रेरी तैयारी की गई है, जो अब क्रिएटिविटी का सेंटर बन चुकी है। इसमें 3000 से अधिक किताबें हैं। इसके अलावा इस लाइब्रेरी में बच्चों के लिए कई तरह की एक्टिविटी भी हैं।

पीएम मोदी आगे कहते है कि इसी तरह बिहार में गोपालगंज के प्रयोग लाइब्रेरी की चर्चा कई शहरों में हो रही है। इससे करीब 12 गांव के युवाओं को किताबें पढ़ने की सुविधा मिल रही हैं। वहीं, कुछ लाइब्रेरी ऐसी हैं जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों के काम आ रही हैं।  

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