
Supreme Court Hearing On SIR: एसआईआर की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। 4 फरवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद दलीलें दी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्दश जारी किया है। साथ ही चुनाव आयोग को नोटिस भी जारी किया गया है।
मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने ममता बनर्जी को बीच में रोकते हुए कहा कि इस मामले में कपिल सिब्बल और श्याम दिवान पहले ही अपनी बात रख चुके हैं। बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।
ममता बनर्जी के आरोप
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह न्याय के लिए अदालत आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को तमाम फैक्ट्स बताए गए थे लेकिन, नहीं सुना गया। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आपकी याचिका में कुछ नए मुद्दे जरूर हैं लेकिन, जो बातें आप कह रही हैं, वो आपके वकील पहले ही रख चुके हैं। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और राज्य में बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम सूची से हटाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ
ममता- हमें कहीं न्याय नहीं मिल रहा है, चुनाव आयोग हमें जवाब नहीं दे रहा है। ऐसे वक्त में आप सुन रहे हैं, हम आपके आभारी हैं।
अदालत- ममता को टोकते हुए कहा कि आपकी राज्य की पैरवी के बड़े वकील आए हुए हैं। श्याम दीवान, कपिल सिब्बल जैसे वकील हैं। हम पूरी कोशिश करेंगे कि न्याय हो और कोई निर्दोष का नाम वोटर लिस्ट न छूटे।
ममता- मुझे बात रखने दीजिए। मैं कुछ फोटोग्राफ दिखाना चाहती हूं। सब बड़े बंगाली अखबार में यह छापे गए हैं।
अदालत- हम पहले ही 10 दिन समयसीमा बढ़ा चुके है। ऐसे ही हम वक्त नहीं बढ़ा सकते।
ममता - सिर्फ बंगाल को निशाना बनाने की कोशिश हो रही है। वो आधार के साथ हमें एक और सर्टिफिकेट की मांग कर रहे है। दूसरे राज्यों में ऐसा कोई नियम नहीं रखा गया। मेरा सवाल है कि सिर्फ बंगाल ही क्यों ?असम में क्यों नहीं।
अदालत- मामले में अगली सुनवाई सोमवार यानी 9 फरवरी को होगी।
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