रिश्वत का खेल या कानूनी कार्रवाई? क्या है इंदौर में बम से उड़ाई तीन मंजिला इमारत का सच

रिश्वत का खेल या कानूनी कार्रवाई? क्या है इंदौर में बम से उड़ाई तीन मंजिला इमारत का सच

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम ने एक चार मंजिला निर्माणाधीन इमारत को विस्फोटकों से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के पीछे का कारण अवैध निर्माण बताया गया। लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों की मानें तो यह कार्रवाई कथित तौर पर रिश्वत न देने के कारण की गई। इस घटना ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए है। साथ ही, प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी एक वई गंभीर बहस छेड़ दी है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, ये मामला मध्य प्रदेश के इंदौर के खजराना क्षेत्र का है। जहां 31मई को डॉक्टर मुंशी की स्वामित्व वाली एक चार मंजिला निर्माणाधीन इमारत को नगर निगम ने विस्फोटकों का उपयोग करके ढहा दिया। यह कार्रवाई कई नोटिस जारी करने के बाद की गई है। नगर निगम के अनुसार, इस इमारत के निर्माण नियमों का उल्लंघन किया गया था। इस इमारत के मालिक ने तय सीमा से अधिक निर्माण किया। साथ ही, सरकारी जमीन पर भी अतिक्रमण किया था। इसके अलावा, इमारत में अवैध रूप से टावर भी लगाया गया था। नगर निगम के नोटिस देने के बावजूद जब बिल्डिंग ने मालिक ने कोई सुधार नहीं किया, तो नगर निगम ने पहले बुलडोजर चलाया और फिर विस्फोटकों का सहारा लिया।

लेकिन इस मामले ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि इमारत को ढहाने की जल्दबाजी इसलिए की गई, क्योंकि बिल्डिंग के मालिक ने कथित तौर पर नगर निगम के अधिकारियों को रिश्वत देने से इनकार कर दिया। एक एक्स पोस्ट की मानें तो एक यूजर ने लिखा 'इंदौर नगर निगम कथित तौर पर फिरौती ना मिलने के कारण बारूद धमाके से बिल्डिंग उड़ा दी।

इस मामले में नगर निगम का पक्ष

वहीं, नगर निगम ने इस कार्रवाई को पूरी तरह कानूनी और आवश्यक बताया है। नगर निगम का कहना है कि उन्होंने कई बार बिल्डिंग के मालिक को नोटिस भेजे थे। लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। जिस वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। नगर निगम का दावा है कि यह कार्रवाई शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्ती का हिस्सा है।

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