
Lucknow Encounter News:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने लोगों का दिल दहला दिया। 5 जून की रात एक तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घृणित वारदात को अंजाम दिया गया। इस जघन्य अपराध के बाद बच्ची की हालत गंभीर हो गई और उसे तत्काल लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची की स्थिति स्थिर लेकिन नाजुक बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, यह दिल दहलाने वाली घटना आलमबाग के चंदन नगर मेट्रो स्टेशन के पास हुई। बच्ची अपने माता-पिता के साथ मेट्रो स्टेशन के नीचे सो रही थी, तभी एक दरिंदे ने मौके का फायदा उठाकर उसे अगवा कर लिया। आरोपी, जिसकी पहचान दीपक वर्मा के रूप में हुई हैं। दोषी ने पहले मासूम के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया और फिर अपनी गाड़ी में सवार होकर फरार हो गया।
पुलिस की मुस्तैदी, सीसीटीवी ने खोला राज
घटना की सूचना मिलते ही लखनऊ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी । डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस आशीष श्रीवास्तव ने तुरंत पांच विशेष टीमें गठित कीं और मामले की गहन जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, जिसमें आरोपी दीपक वर्मा बच्ची को उठाकर लिफ्ट की ओर ले जाता दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने गाड़ी के विवरण से आरोपी की पहचान की और उसका पीछा शुरू किया।
मुठभेड़ में मिली सजा, ढेर हुआ आरोपी
6 जून की तड़के सुबह, पुलिस को सूचना मिली कि दीपक वर्मा देवीखेड़ा रोड के पास भागने की फिराक में है। अलमबाग और कैंट सीमा पर पुलिस ने उसे घेर लिया। अपने को फंसता देख आरोपी ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दीपक वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डीसीपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा
इस घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़का दिया है। लोग इस जघन्य अपराध की निंदा कर रहे हैं और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यूपी पुलिस ने सही समय पर सही कदम उठाया। ऐसे दरिंदों को यही सजा मिलनी चाहिए।" वहीं, पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। लखनऊ पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू की गहन जांच की जा रही है ताकि कोई भी तथ्य छूट न जाए। बच्ची के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
आमजन में दहशत, प्रशासन सतर्क
इस घटना ने लखनऊ के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। माता-पिता अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर और सतर्क हो गए हैं। प्रशासन ने भी ऐसे अपराधों पर कड़ा रुख अपनाने की बात दोहराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ "ऑपरेशन लंगड़ा" के तहत सख्ती बरतने का दावा किया है।
Leave a comment