LG मनोज सिन्हा ने 3 सरकारी कर्मचारियों को किया बर्खास्त, आतंकी संगठनों से जुड़े होने का लगा आरोप

LG मनोज सिन्हा ने 3 सरकारी कर्मचारियों को  किया बर्खास्त, आतंकी संगठनों से जुड़े होने का लगा आरोप

J&K Lieutenant Governor Manoj Sinha: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में तीन सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत की गई। जो सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की जांच के आधार पर यह कदम उठाया गया है। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में एक पुलिस कांस्टेबल, एक शिक्षक और एक मेडिकल कॉलेज का जूनियर असिस्टेंट शामिल हैं। जिन पर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के लिए काम करने का आरोप लगा है।
 
बर्खास्त आतंकीयों पर लगे गंभीर आरोप
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की पहचान मलिक इश्फाक नसीर (पुलिस कांस्टेबल), एजाज अहमद (शिक्षा विभाग में शिक्षक), और वसीम अहमद खान (श्रीनगर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में जूनियर असिस्टेंट) के रूप में की गई है। इन तीनों पर आरोप है कि ये पाकिस्तान आतंकी संगठनों को सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमलों में मदद करते थे। वसीम अहमद खान पर विशेष रूप से गंभीर आरोप लगा हैं। जिसमें 2018 में वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी और उनके दो पुलिस सुरक्षा गार्डों की हत्या में सहायता करने का भी इल्जाम है। जांच में पाया गया कि खान ने आतंकियों को रसद सहायता दी और फरारी में मदद की।
 
उपराज्यपाल की सख्त नीति
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 2020 में जम्मू-कश्मीर का कार्यभार संभालने के बाद से आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लगे हैं। अब तक 75 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को आतंकी गतिविधियों में रहने के कारण नौकरी से बर्खास्त किया कर दिया है। सिन्हा ने एक हालिया सुरक्षा समीक्षा बैठक में यह साफ किया था कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को जड़ से उखाड़ना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकी संगठनों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की खुली छूट दी है।
 
जांच और कार्रवाई का आधार
खुफिया एजेंसियों की गहन जांच के बाद इन कर्मचारियों के खिलाफ सबूत जुटाए गए।  जिसमें उनके आतंकी संगठनों से सीधे संपर्क और हिंसक गतिविधियों में साथ होने के प्रमाण शामिल हैं। तीनों कर्मचारी वर्तमान में जेल में हैं और अलग-अलग आतंकी मामलों में सजा काट रहे हैं। इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है। साथ ही सिन्हा ने सुरक्षा एजेंसियों को भी यह निर्देश दिया है कि वे आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान तेज कर दिए हैं। जो भी आतंकियों की मदद करेगा, उसे कठोर सजा दी जाएगी। 

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