मीरा भायंदर में भड़का भाषाई विवाद, कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई

मीरा भायंदर में भड़का भाषाई विवाद, कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई

Maharastra language Dispute: महाराष्ट्र के मीरा भायंदर में एक फूड स्टॉल मालिक को हिंदी बोलने पर थप्पड़ मारने की घटना ने तूल पकड़ लिया, जब मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने व्यापारियों के विरोध के जवाब में रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बिना अनुमति प्रदर्शन के लिए पुलिस ने कई MNS नेताओं, जिसमें अविनाश जाधव भी शामिल थे, को हिरासत में लिया। इस दौरान MNS ने मराठी भाषा को अनिवार्य करने की मांग दोहराई, जिसने इलाके में तनाव बढ़ा दिया। इस घटना ने भाषाई और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दे को फिर से गरमा दिया।

विवाद की शुरुआत और पुलिस की सख्ती

पिछले सप्ताह मीरा भायंदर में 'जोधपुर स्वीट शॉप' के कर्मचारी को MNS कार्यकर्ताओं ने हिंदी में बात करने पर थप्पड़ मारा था। इस घटना के बाद सात MNS कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया। व्यापारियों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके जवाब में MNS ने मंगलवार को रैली निकाली। पुलिस ने ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। एडिशनल सीपी दत्ता शिंदे ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सख्त कदम उठाए गए। MNS कार्यकर्ताओं ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

मंत्री का अपमान और CM की सफाई

रैली में महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक MNS के समर्थन में पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें 'देशद्रोही' कहकर अपमानित किया और वापस जाने को मजबूर किया। सरनाईक ने कहा कि वह विरोध में शामिल होने आए थे, लेकिन भीड़ के उग्र रवैये के कारण लौट गए। इस बीच, CM देवेंद्र फडणवीस ने सफाई दी कि पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार नहीं किया, बल्कि वैकल्पिक मार्ग की सलाह दी थी, जिसे MNS ने ठुकरा दिया। मंत्री योगेश कदम ने भी कहा कि स्थान बदलने पर अनुमति दी जा सकती थी, लेकिन MNS की जिद के कारण कार्रवाई हुई। यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है।

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