विधानसभा चुनाव से पहले मुश्किलों में घिरें लालू यादव, बाबा साहब अंबेडकर के अपमान के आरोप में नोटिस

विधानसभा चुनाव से पहले मुश्किलों में घिरें लालू यादव, बाबा साहब अंबेडकर के अपमान के आरोप में नोटिस

Lalu Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के कथित अपमान के मामले में बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है। आयोग ने लालू यादव से 15 दिनों के भीतर सफाई देने को कहा है अन्यथा उनके खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इस घटना ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है।
 
विवाद का आधार
यह विवाद 11 जून 2025 को लालू यादव के 78वें जन्मदिन समारोह के दौरान सामने आए एक वीडियो से शुरू हुआ। वीडियो में दिखाया गया कि लालू यादव अपने आवास पर एक कुर्सी पर पैर फैलाकर बैठे हैं और एक कार्यकर्ता बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीर उनके पैरों के पास रखकर फोटो खिंचवाता है। बीजेपी नेताओं ने इस घटना को अंबेडकर का अपमान बताते हुए लालू पर तीखा हमला बोला। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे "लोकतंत्र का काला अध्याय" नाम दिया। और लालू से माफी की मांग की। बीजेपी सांसद संजय जयसवाल ने कहा कि लालू को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
 
आयोग का कड़ा रुख
बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। नोटिस में कहा गया है कि वायरल वीडियो में बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीर के प्रति अनादर दिखाया गया जो पूरे देश के सम्मान को ठेस पहुंचाता है। आयोग ने लालू से पूछा है कि उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा क्यों न दर्ज किया जाए। इस मामले ने दलित समुदाय और विपक्षी दलों में गुस्सा दिखा।
 
तेजस्वी यादव का बयान
लालू के बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस मामले में अपने पिता का बचाव किया। उन्होंने कहा "लालू जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उनकी किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी हुई है। बीजेपी को 78 साल के बीमार व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगाते हुए शर्म नहीं आती।" तेजस्वी ने बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यह मुद्दा बेवजह बढ़ाया जा रहा है।

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