Prashant Kishor Effect In Bihar: बिहार की राजनीति में यादव-मुस्लिम समीकरण बनाकर वर्षों तक सत्ता के शिर्ष पर विराजमान रहने वाले लालू प्रसाद यादव इन दिनों बैचेन लग रहे हैं। पटना में लालू यादव की गुप्त मुलाकातें चल रही हैं। जानकार बताते हैं कि ये लोकसभा में पार्टी को मिली करारी हार का नतीजा है। इसके साथ ही कुछ लोगों को मानना है कि ये बिहार की राजनीति में बढ़ते प्रशांत किशोर के आगमन का इफेक्ट है। दरअसल, लोकसभा चुनाव में आशानुकूल सीट नहीं मिलने के बाद राजधानी पटना के बोरिंग रोड में स्थित एक राजद एसएलसी के घर पर लालू यादव और तेजस्वी यादव ने हिना शहाब से मुलाकात की है। इस खबर के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। साथ ही कयासों का दौर भी शुरु हो गया है। गौरतलब है कि दिवंगत बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था। जिसका नुकसान राजद को सिर्फ सिवान में ही नहीं बल्कि बिहार के कई जिलों में हुआ था। राजद का कोर वोटर रहा मुसलमान ही उनसे छिटक गया था। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हिना शाहाब से खुद लालू यादव का मिलना बहुत कुछ दर्शा रहा है।
हिना शहाब की होगी राजद में वापसी
इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में राजद से टिकट नहीं मिलने के कारण हिना शहाब ने सीवान से निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फैसला किया था। हालांकि, वो ये चुनाव तो नहीं जीत पाईं लेकिन उन्होंने राजद को बिहार में काफी नुकसान पहुंचाया। माना जा रहा है कि हिना शहाब का बेटा या बहू को राजद के टिकट पर विधानसभा लड़वाया जा सकता है। वहीं, हिना शहाब को संसद भेजा जा सकता है। हालांकि, इसकी किसी ने आधिकारिक पुष्टी नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि लालू यादव के द्वारा उठाया गया ये कदम कोर्स करेक्शन है।
प्रशांत किशोर का भय
बिहार की राजनीति को त्रिकोणीय बनाने आ रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी लगातार लालू यादव के खिलाफ बयान दे रहे हैं। इतना ही नहीं लालू यादव का खुद हिना शहाब से मिलने के पीछे का एक कारण प्रशांत किशोर भी हैं। प्रशांत किशोर मुस्लिम समाज को लगातार संबोधित कर रहे हैं। लालू यादव को यह डर है कि कहीं उनके बेस वोटबैंक में प्रशांत किशोर सेंध ना लगा दें। प्रशांत किशोर का भी निशाना मस्लिम वोट ही है। मुस्लिम वोटरों को संबोधित करते हुए वो लगातार लालू और तेजस्वी पर ही निशाना साध रहे हैं। बिहार में करीब 18 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स हैं। और राजद की नींव मुस्लिम और यादव वोटरों पर टिकी हुई हैं।
राजद के MY समीकरण में दिख रही दरार
प्रशांत किशोर का राजनीति में आगमन से ही राजद में हलचल नहीं बल्कि दो बार उन्होंने खुद को साबित किया है। सारण में एक एमएलसी सीट जीतने और पूर्णिया के रूपौली विधानसभा उपचुनाव में पीके अपना असर साबित कर चुके हैं। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर की गतिविधियों को लेकर कुछ दिनों पहले राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं के नाम पत्र जारी कर चेतावनी दी थी। हालांकि, बाद में राजद ने इसे फेक कहा था लेकिन जिस तरह से लालू यादव ने गुपचुप हिना शहाब से मुलाकात की है इससे साफ है कि सियासी चूलें हिलने लगी हैं और खतरा भांपकर समय रहते कदम उठाने की कवायद है।