कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी को मिली बड़ी राहत, कार्रवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी को मिली बड़ी राहत, कार्रवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

Karnataka Cricket Association: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) को बड़ी राहत दी है। अदालत ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ के मामले में KSCA के अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। यह भगदड़ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के उत्सव के दौरान हुई थी। जिसमें 11 लोगों की मृत्यु और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। KSCA के अध्यक्ष रघुराम भट और अन्य अधिकारियों ने इस मामले में दर्ज FIR को रद्द करने की मांग के साथ उच्च न्यायालय का रुख किया था।
 
मामले का विवरण
4 जून 2025 को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर RCB की जीत के जश्न के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी। इस घटना में 11 लोगों की जान चली गई और 50 लोग घायल हुए। पुलिस ने गुरुवार को RCB, इवेंट मैनेजमेंट फर्म DNA एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, और KSCA के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जिसमें आपराधिक लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या के आरोप शामिल थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। जिसके बाद KSCA ने अदालत में याचिका दायर की।
 
हाईकोर्ट का आदेश
KSCA के अध्यक्ष रघुराम भट सचिव ए. शंकर, और कोषाध्यक्ष ई.एस. जयराम की याचिका पर सुनवाई करते हुए, जस्टिस एस.आर. कृष्ण कुमार ने अंतरिम आदेश जारी किया। अदालत ने पुलिस को KSCA अधिकारियों के खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया। बशर्ते वे जांच में सहयोग करें। अगली सुनवाई तक यह अंतरिम राहत लागू रहेगी। KSCA ने अपनी याचिका में दावा किया कि भगदड़ के लिए वे जिम्मेदार नहीं थे। क्योंकि टिकटिंग और गेट प्रबंधन RCB और आयोजकों की जिम्मेदारी थी।
 
जांच और मुआवजा
इस मामले की जांच अब आपराधिक जांच विभाग (CID) को सौंपी गई है। और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। कर्नाटक सरकार ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि जांच 15 दिनों में पूरी होगी। इसके अलावा, कर्नाटक की महिला और बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर ने KSCA और RCB से मृतकों के परिवारों मुआवजा देने की मांग की है। RCB ने पहले ही मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता की घोषणा कर दिया है।
 
आगे की सुनवाई
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को इस मामले में 10 जून तक स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि स्टेडियम में केवल 3 गेट खुले थे। जबकि अनुमानित 2.5 लाख लोग जमा हुए थे। जिसके कारण यह हादसा हुआ। KSCA ने अपनी याचिका में कहा कि उनकी भूमिका केवल स्टेडियम के कि personally आधार पर थी। और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी पुलिस और RCB की थी।
 

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