CJI BR Gavai: न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई बने भारत के नए मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रशपथ ग्रहण कराया

CJI BR Gavai: न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई बने भारत के नए मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रशपथ ग्रहण कराया

New chief justice of india:जस्टिस गवई देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश हैं। जस्टिस गवई का कार्यकाल छह महीने का होगा। वह 23 दिसंबर को रिटायर होंगे। न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मौजूदगी में राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में दौरान पद और गोपनीयता की शपथ लिए। यह ऐतिहासिक क्षण भारतीय न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जस्टिस गवई देश के दूसरे दलित समुदाय के मुख्य न्यायाधीश बने हैं।

देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस गवई

जस्टिस गवई ने वर्तमान मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना का स्थान लिया, जिनका कार्यकाल 13 मई 2025 को समाप्त हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और अन्य बड़े सभी नेता उपस्थित थे। जस्टिस गवई का कार्यकाल 23 नवंबर 2025 तक रहेगा, जब वे 65 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट होगी।
 
जस्टिस गवई का करियर
 
24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे जस्टिस गवई ने 16 मार्च 1985 को वकालत शुरू की थी। उन्होंने बॉम्बे उच्च न्यायालय में प्रशासनिक कानून में दक्षता हासिल किया। 2003 में वे बॉम्बे उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 2019 में सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत हुए। उनके करियर के उल्लेखनीय फैसलों में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को रद्द करने जैसे निर्णय शामिल हैं।
 
गवई के महत्वपूर्ण योगदान
 
 जस्टिस गवई ने हाल ही में सात जजों की संविधान पीठ में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा को लागू करने की वकालत की थी। साथ ही उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता के लिए उप-वर्गीकरण आवश्यक है। इसके अलावा, उन्होंने संविधान को सबसे ऊहर बताते हुए कहा कि वे रिटायरमेंट के बाद कोई राजनीतिक पद को स्वीकार नहीं करेंगे।

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