Jharkhand News:झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गिरिडीह समाहरणालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर पेयजल योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जिले में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने योजनाओं में देरी, कामकाज में लापरवाही और भुगतान के बावजूद योजनाओं का सुचारु संचालन नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित संवेदकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के तहत संचालित सभी योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच कराने का फैसला लिया गया। इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर कमेटियां गठित की जाएंगी। संयुक्त कमेटियां योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जांच करेंगी।
मंत्री ने संबंधित कमेटियों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर योजनाओं की कमियों का आकलन कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
90 दिनों में पूरे करने होंगे रॉ और क्लीन वाटर राइजिंग के काम
समीक्षा बैठक में रॉ वाटर राइजिंग और क्लीन वाटर राइजिंग से जुड़े कार्यों को अगले 90 दिनों के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों और संवेदकों को आवश्यक संसाधन एवं कार्यबल उपलब्ध कराने के साथ नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए इन कार्यों का समय पर पूरा होना जरूरी है। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की हिदायत दी गई।
बंद योजनाओं वाले संवेदकों को जारी होगा लीगल नोटिस
बैठक में बंद पड़ी पेयजल योजनाओं और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया। विभागीय सचिव अबु इमरान ने कहा कि जिन संवेदकों की योजनाएं बंद हैं या जिनके काम अनावश्यक रूप से लंबित हैं, उन्हें नियमानुसार लीगल नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, संविदा की शर्तों और लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यशीलता की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान वाटर ट्रीटमेंट प्लांट समेत पेयजलापूर्ति से जुड़ी अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से निर्माण कार्यों, संचालन और लंबित परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी ली गई।
अभियान निदेशक शशि रंजन ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी करने और समय-सीमा के भीतर काम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में देरी या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार संवेदकों और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आम लोगों को समय पर पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाएं सीधे आम लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। इसलिए योजनाओं का समय पर पूरा होना और लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को पेयजलापूर्ति से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया।
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान, अभियान निदेशक शशि रंजन, गिरिडीह के उपायुक्त, बोकारो के उप विकास आयुक्त रामनिवास यादव, धनबाद की नगर आयुक्त शताब्दी मजूमदार, विभाग के प्रमुख अभियंता आशीष गंगवार समेत तीनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित संवेदक उपस्थित रहे।
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