Jharkhand News:झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत चल रही पेयजलापूर्ति योजनाओं में देरी और लापरवाही को लेकर सरकार सख्त हो गई है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार (30 अक्टूबर 2026) को हजारीबाग समाहरणालय सभागार में जल जीवन मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिलों में संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
चार जिलों की पेयजल योजनाओं की समीक्षा
बैठक में सिंगल विलेज स्कीम (SVS), रॉ वाटर राइजिंग, क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजलापूर्ति से संबंधित आधारभूत संरचनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके अलावा लंबित कार्यों और योजनाओं के संचालन में आ रही समस्याओं की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने कार्यों में हो रही देरी और योजनाओं के सुचारू रूप से संचालित नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों और संवेदकों को काम में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि पेयजलापूर्ति योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
बंद पड़ी योजनाओं के संवेदकों को मिलेगा लीगल नोटिस
समीक्षा बैठक में जिन योजनाओं का काम बंद पाया गया या निर्धारित समय के अनुसार प्रगति नहीं हुई, उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विभागीय सचिव अबु इमरान ने कहा कि निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करने वाले और योजनाओं को बंद रखने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संविदा की शर्तों और लागू प्रावधानों के अनुसार संबंधित संवेदकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पेयजलापूर्ति से जुड़ी सभी संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने और अधूरे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया।
तीन महीने बाद फिर होगी योजनाओं की समीक्षा
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जिला प्रशासन को पेयजलापूर्ति योजनाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा तीन महीने बाद दोबारा की जाएगी।
अभियान निदेशक शशि रंजन ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों और अधिकारियों की लापरवाही से योजनाएं लंबित हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश
विभागीय सचिव अबु इमरान ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच करने और योजनाओं की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां काम अधूरा है या योजनाओं का संचालन बाधित है, वहां समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए।
बैठक में अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, मुख्य अभियंता रेयाज आलम, कोडरमा के उप विकास आयुक्त, हजारीबाग के नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला योजना पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, मंत्री के ओएसडी सहित हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित संवेदक मौजूद रहे।
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