
Kishtwar Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 14 अगस्त को तड़के बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है। यह घटना पड्डर सब-डिवीजन के चिशोती गांव में मचैल माता मंदिर के पास हुई, जिसके बाद इलाके में अचानक बाढ़ आ गई। इस आपदा ने 33 लोगों की जिंदगी छीन ली। साथ ही. 120 लोग घायल हैं। जबकि 220 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
किश्तवाड़ हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने आगे बताया कि राहत-बचाव कार्य जारी है। साथ ही, हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
हाईअलर्ट पर प्रशासन
किश्तवाड़ में मौजूदा मौसम की स्थिति और चिशोती में बादल फटने से आई बाढ़ को देखते हुए किश्तवाड़ पुलिस और जिला प्रशासन ने पूरे जिले में कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क एक्टिव कर दिए हैं। सभी सब-डिविजन को हाईअलर्ट पर रखा गया है. आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष पुलिस टीमें तैनात की गई हैं, जो इन स्थितियों पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
किश्तवाड़ में बादल फटा
किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में बादल फटने की घटना ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर ला दिया है। शुरुआची जानकारी के अनुसार, इस आपदा में एक सामुदायिक रसोई (लंगर शेड) मलबे में बह गया और कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक हताहतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। इस आपदा का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें क्षतिग्रस्त सड़कें और मलबे का ढेर साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मंत्री जितेंद्र सिंह ने क्या बताया?
इसी बीच, मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा 'अभी-अभी जम्मू-कश्मीर के LoP और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से जानकारी मिली। जिसके बाद मैंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की। चोसिटी इलाके में बादल फटने से भारी जनहानि की आशंका है। प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है।'
राजौरी-मेंढर में भी बाढ़ का कहर
बता दें, किश्तवाड़ के साथ राजौरी और मेंढर क्षेत्रों में भी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई गांवों का संपर्क मुख्य क्षेत्रों से कट गया है।
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