आतंकियों से अकेला भिड़ा और बचाई लोगों की जान, कौन है वो कश्मीरी जिसने नहीं की अपनी जान की परवाह?

आतंकियों से अकेला भिड़ा और बचाई लोगों की जान, कौन है वो कश्मीरी जिसने नहीं की अपनी जान की परवाह?

Who Is Sayyad Hussain Shah: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले ने सबको झकझोर दिया है। आतंकियों ने कई मासूमों को मौत के घाट उतार दिया। दरअसल, पहलगाम में सुंदर वादियों और घाटियों को आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस हमले में अभी तक 27लोगों की मौत हुई हैं। जबकि कई लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जारी है। मालूम हो कि आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, फिर उनकी हत्या कर दी। लेकिन इसी बीच ऐसा शख्स सामने आया जिसने बिना डरे उन आतंकियों का सामना किया। उसका नाम सैयद हुसैन शाह हैं।

कौन है सैयद हुसैन शाह?

बता दें, बीते दिन पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया है। मासूम लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। लेकिन इस बीच एक शख्स मसीहा बनकर सामने आया और आतंकियों का डटकर सामना किया। सैयद हुसैन शाह कश्मीर की असली पहचान बनकर सामने आया। जिसने इंसानियत को मरने नहीं दिया और मेहमान नवाज़ी की परंपरा का पालन करते हुए अपनी जान की बाजी लगा दी।

दरअसल, सैयद हुसैन शाह पहलगाम के पास का रहने वाला है। वह रोज कई सैलानियों को अपने घोड़े पर सैर कराने का काम करता था। यानी पेशे से वह घुड़सवार गाइड थे। इसी काम से उसकी रोजी रोटी चलती है। लेकिन उसने बिना डरे लोगों को बचाने की कोशिश की।

आतंकियों से भिड़ा सैयद

घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मानें तो जिस समय ये हमला हुआ तब सैयद हुसैन वहीं पर मौजूद था। लेकिन वह खुद को रोक नहीं पाया और आतंकियों से भिड़ गया। सैयद ने आतंकियों को रोकने की बहुत कोशिश की। सैयद ने आतंकियों से कहा यह लोग मासूम हैं, हमारे मेहमान हैं। इसलिए इनका कोई कसूर नहीं है। इनका घर्म क्या है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन आतंकियों ने उसे धक्का दे दिया। 

लेकिन तब भी सैयद ने हार नहीं मानी और साहस दिखाते हुए आतंकी से राइफल छीनने की कोशिश की। लेकिन इसी छीना-झपटी में सैयद को गोली लग गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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