
Israel-Hamas War: इजरायल और हमास के बीच युद्ध जारी है। पूरी दुनिया दो भागों में बंट गई है। कुछ देश इजरायल का समर्थन कर रहे हैं तो वहीं कुछ देश हमास के समर्थन में उतरे हैं। वहीं अरब देश दो खेमों में बंट गए हैं। रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी के अनुसार, कुछ अरब देश गाजा में हमलों को लेकर इजरायल पर आक्रामक हैं। इस प्रकार वे परोक्ष रूप से हमास की आंतकी कार्रवाई को भी वे सही ठहरा रहे हैं। लेकिन उन्हें सभी मुस्लिम देशों का समर्थन नहीं है।
यही वजह है कि अभी तक सिर्फ कुछ ही देश खुलकर सामने आए हैं जबकि करीब 50 मुस्लिम देश हैं जिनमें 22 अरब लीग के देश हैं। यह दिखाता है कि इस मुद्दे पर अरब और मुस्लिम देश बंटे हुए हैं। ये ही कारण है कि इस बात के आसार बहुत कम हैं कि इजरायल और अरब देशों के बीच किसी प्रकार का टकराव आने वाले दिनों में हो सकता है।
ये चार देश हैं खिलाफ
संजय कुलकर्णी ने बताया ईरान, जॉर्डन, लेबनान और मिस्र ये चार देश सबसे ज्यादा इजरायल की खिलाफी कर रहे हैं। लेकिन ये जानते हैं अगर ये खुलकर हमास के समर्थन में आते हैं तो उनका भी हाल हमास के तरह ही होना है। कुलकर्णी ने ये भी कहा कि लोगों को ये भी नहीं भूलना चाहिए की हमास को गाजा के लोगों का समर्थन है। फिलिस्तीन में वेस्ट बैंक भी है लेकिन वहां पर इस तरह का संकट नहीं है क्योकि वेस्ट बैंक के लोग हमास का समर्थन नहीं करते है।
ये भी है बड़ी वजह
अरब देशों के दो भागों में बंटे होने की एक वजह टर्की, सऊदी अरब और ईरान के बीच लड़ाई भी है। क्योंकि ये तीनों देश मुस्लिमों देशों का नेतृत्व करना चाहते हैं लेकिन इनमें कोई एक-दूसरे के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करना चाहता। जिसमें ईरान सबसे ज्यादा मुखर है क्योंकि शिया राष्ट्र होने की वजह से ज्यादातर मुस्लिम देशों को उसका नेतृत्व मंजूर नहीं है।इसके अलावा अरब देश यह भी अच्छे से जानते हैं कि इजरायल के साथ अमेरिका और यूरोप खड़ा है। वहीं भारत भी इजरायल के समर्थन में आतंकी कार्रवाई का विरोध किया है।
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