
Iran's New Security Chief: इजरायल ने ईरान को एक और बड़ा झटका दिया है। 17 मार्च को इजरायल के हमले में ईरान के सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत हो गई है। अब उनकी जगह सईद जलीली को सुरक्षा कांउसिल की कमान सौंपी गई है। अब सईद जलीली अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चल रहे युद्ध को लेकर फैसला लेंगे।
बताया जाता है कि 60 वर्षीय जलीली ने ईरान-इराक युद्ध के दौरान अपना पैर गंवा दिया था। जिसके बाद उनके समर्थकों ने उन्हें जिंदा शहीद की उपाधी दी। माना जा रहा है कि सईद इजरायल के खिलाफ बड़े-बड़े फैसले ले सकते हैं।
कौन हैं सईद जलीली
बता दें कि ईरान के उत्तर-पूर्व इलाके के धार्मिक केंद्र मशहद में सईद जलीली का जन्म 1965 में हुआ था। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि साधारण रही है। उनके पिता एक स्कूल के प्रिसिपल और फ्रेंच भाषा के शिक्षक थे। जबकी मां अजेरी मूल की रहने वाली हैं। 60 वर्षीय जलीली ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2007 से 2013 तक ईरान के राष्ट्रपति अहमदीजेनाद के शासनकाल में ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार के तौर पर अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पश्चिमी देशों से वार्ता करने में अहम रोल अदा किया था।
अली लारीजानी की हुई मौत
बता दें कि ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की इजराइल के हमले में मौत हो गई है। उनकी मौत का ऐलान इजरायल के रक्षा मंत्रालय की ओर से 17 मार्च को किया गया। हालांकि, ईरान ने इसकी पुष्टी रात को की। लारीजानी अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार रह चुके हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 67 साल के लारीजानी की हत्या तब हुई जब वह तेहरान के बाहरी इलाके में अपनी बेटी से मिलने गए थे। ईरान ने 17 मार्च की देर रात लारीजानी की मौत की पुष्टी के साथ सईद जलीली को नए रक्षा प्रमुख बनाने का ऐलान किया। वहीं, सईद जलीली ने सेना की कमान संभालने के बाद इजरायल के कई शहरों पर हमला बोला है।
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