केदारनाथ-बद्रीनाथ में दर्शन के लिए शपथ पत्र जरूरी! BKTC के फैसले पर विवाद

केदारनाथ-बद्रीनाथ में दर्शन के लिए शपथ पत्र जरूरी! BKTC के फैसले पर विवाद

Kedarnath Badrinath Controversy: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने इन मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था लागू करने की बात कही है। इस प्रस्ताव के अनुसार, श्रद्धालुओं को सनातन धर्म में आस्था का शपथ पत्र देना होगा।

अध्यक्ष ने दी सफाई

समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस फैसले को लेकर सफाई देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को केवल उसके धर्म के आधार पर नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सनातन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करता है और शपथ पत्र देता है, तो उसे मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है।

चर्चा में आई सारा

इस फैसले के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान का नाम भी चर्चा में आ गया है। सारा अली खान कई बार केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए जा चुकी हैं। समिति का कहना है कि अगर वह भी सनातन में आस्था जताते हुए शपथ पत्र देती हैं, तो उन्हें भी दर्शन की अनुमति मिलेगी।

राजनीतिक विवाद भी शुरू

बताया जा रहा है कि यह शपथ पत्र मंदिर परिसर में ही उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालु मौके पर ही इसे भर सकें। समिति का कहना है कि यह कदम धार्मिक परंपराओं और मंदिर की मर्यादा को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पॉल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है और समाज में विभाजन पैदा कर सकता है।

सुझाता पॉल ने उठाया सवाल

सुझाता पॉल ने ये भी सवाल उठाया कि क्या इस तरह के नियम अन्य लोगों पर भी लागू होंगे। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। फिलहाल इस मुद्दे पर प्रदेश में बहस तेज हो गई है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं की रक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे भेदभावपूर्ण बता रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले चारधाम यात्रा सीजन में यह नियम कैसे लागू किया जाएगा और इसका क्या असर पड़ेगा। 

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