
Operation Sindoor: 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 07 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च कर पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक की और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा जैसे कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है। भारत ने पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक कर 90 आतंकियों को मौत के घाट उतारा हैं। इस बीच, पहलगाम हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने 'आजतक' से बात करते हुए कहा 'मेरे पति की मौत का बदला लिया गया, यही उनकी असली श्रद्धांजलि है।'
'ऑपरेशन सिंदूर' पर ऐशन्या का बयान
भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ऐशन्या का बयान सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा 'उन्होंने मेरे पति की मौत का बदला लिया। यही उनकी असली श्रद्धांजलि है। मेरे पूरे परिवार को उन पर भरोसा था और जिस तरह से उन्होंने जवाब दिया।
ऐशन्या ने आगे कहा 'ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ रखकर हमें यह व्यक्तिगत संदेश दिया गया कि हमारा दर्द सरकार और सेना ने महसूस किया है। आज शुभम जहां कहीं भी है, उन्हें बहुत शांति मिली होगी।'
शादी के 2 महीने बाद टूटा दुखों का पहाड़
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया। मरने वालों में कानपुर के शुभम द्विवेदी भी शामिल थे। जिनकी बीते 2 महीने पहले ही शादी हुई थी। शुभम अपनी पत्नी ऐशन्या के साथ पहलगाम घूमने गए थे। शुभम की हत्या के बाद एक एक्स पोस्ट सामने आया था। जिसमें लिखा था आतंकियों ने शुभम से पूछा कि वो हिंदू है या मुसलमान? जब शुभम ने कहा कि वो हिंदू हैं, तो आतंकियों ने तुरंत उन्हें गोली मार दी। अपना सुहाग उजड़ जाने के बाद ऐशन्या एकदम बेसुध हो गई।
ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर' क्यों रखा गया
07 मई की रात 1:30 बजे भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ पहलगाम हमले में उजड़े सुहाग का बदला लेने का प्रतीक है। मालूंम हो कि हिंदू संस्कृति में सिंदूर का बहुत बड़ा महत्त्व है।
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