
Kolkata Doctor Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में देशभर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ मंगलवार (20 अगस्त 2024) को मामले की सुनवाई करेगी।
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट कलकत्ता हाई कोर्ट ने एसबीआई को मामले की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह आदेश मृतक के माता-पिता द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पारित किया था।
मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पास लगाई गई धारा-163(2)
कोलकाता पुलिस ने रविवार, 18 अगस्त से 24 अगस्त तक आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पास निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध रहेगा। आदेश में कहा गया है कि कोलकाता पुलिस ने अस्पताल के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 (2) लगा दी है।
पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित
कोलकाता रेप और हत्या मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने मांग की थी कि सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर और आरजी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल से पूछताछ करे। उन्होंने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की गिरफ्तारी की मांग की, ताकि इस पूरे मामले की जांच में उनकी भूमिका सामने आ सके। इसके बाद पुलिस ने रविवार को टीएमसी सांसद को तलब किया।
कोलकाता रेप-मर्डर केस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें घटनास्थल आरजी कर अस्पताल और साल्ट लेक में कोलकाता पुलिस सशस्त्र बल की चौथी बटालियन के बैरक में भी पहुंचीं, जहां गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय रॉय रह रहा था।
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