संजौली मस्जिद विवाद से कांग्रेस में फूट! सुक्खू सरकार की नीतियों पर आलाकमान में असंतोष

संजौली मस्जिद विवाद से कांग्रेस में फूट! सुक्खू सरकार की नीतियों पर आलाकमान में असंतोष

Shimla Sanjauli Mosque Row: शिमला के संजौली मस्जिद को लेकर विवाद ने कांग्रेस पार्टी में असंतोष पैदा कर दिया है। खबरों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान सुक्खू सरकार की इस मामले में मिसहैंडलिंग से नाराज है। पार्टी का कहना है कि सरकार की गलतियों ने बीजेपी को हमला करने का मौका दे दिया। इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर करते हुए कांग्रेस ने सुक्खू सरकार से इस विवाद को सही तरीके से सुलझाने की मांग की है।

बता दें कि, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला ने इस पूरे विवाद पर अपनी रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर दी है। मंत्री अनिरुद्ध सिंह, जिनके विवादित बयान ने स्थिति को और जटिल किया था, ने भी अपनी सफाई दी है।

मस्जिद का ऐतिहासिक महत्व

संजौली मस्जिद, जिसको लेकर विवाद चल रहा है, वह आजादी के समय की है। हिन्दू संगठनों ने इस मस्जिद को तोड़ने की मांग की है, विशेषकर हाल ही में दो समुदायों के बीच झगड़े के बाद। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है, जबकि मस्जिद के इमाम मौलाना शहजाद का कहना है कि यह मस्जिद 1947से पहले से मौजूद है और इसके अस्तित्व की ऐतिहासिकता पर जोर दिया है।

मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है- अनिरुद्ध सिंह

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि संजौली मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और इसका मामला पिछले 14वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी स्पष्ट किया कि इस विवाद को लेकर कानून ही उचित कार्रवाई करेगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसी भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सभी कदम कानून के मापदंडों के तहत उठाए जाएंगे, चाहे वह नगर निगम द्वारा हो या पुलिस द्वारा।

ये अवैध मस्जिद है, सरकारी जमीन पर बनी- जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मस्जिद को अवैध बताते हुए आरोप लगाया कि यह सरकारी जमीन पर बनी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गाँव में हुए विवाद के बाद मस्जिद का मामला सामने आया, और कुछ आरोपी यहाँ शरण लेने पहुंचे। जयराम ठाकुर ने 300से अधिक लोगों के इस मस्जिद में जुटने को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि 2010में भी शिमला कॉरपोरेशन में इस मस्जिद का मामला दर्ज था।

संजौली मस्जिद विवाद ने लिया उग्र रूप

संजौली मस्जिद विवाद ने बुधवार को शिमला में उग्र रूप ले लिया। हिंदूवादी संगठनों ने मस्जिद को अवैध बताते हुए उसे गिराने की मांग की, जिससे प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद की ओर कूच किया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। इस दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। शिमला में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद, शिमला व्यापार संगठन ने गुरुवार को शहर बंद का ऐलान किया है।

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