
Parliament Winter Session: केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है। इस बैठक का उद्देश्य संसद के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK), शिवसेना, बीजू जनता दल (BJD) सहित अन्य दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
इन अहम विधेयकों पर हो सकती है चर्चा
संसद का शीतकालीन सत्र 2दिसंबर से शुरू होकर 20दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 16विधेयकों को पेश किया जाएगा, जिनमें वक्फ संशोधन विधेयक, भारतीय वायुयान विधेयक, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, रेलवे (संशोधन) विधेयक और मर्चेंट शिपिंग विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं।
वहीं विपक्षी दल मणिपुर में जारी जातीय हिंसा और व्यवसायी गौतम अदाणी पर अमेरिकी अदालत द्वारा लगाए गए आरोपों का मुद्दा उठाने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग की है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर विपक्ष का विरोध
वक्फ संशोधन विधेयक इस सत्र का सबसे विवादास्पद मुद्दा बन सकता है। यह विधेयक पहले ही एक संयुक्त समिति के पास विचार के लिए भेजा जा चुका है। समिति को अपनी रिपोर्ट शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंत तक पेश करने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि, विपक्षी दलों का आरोप है कि समिति के अध्यक्ष, भाजपा सांसद जगदंबिका पाल जानबूझकर रिपोर्ट पेश करने में देरी कर रहे हैं। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
संसद का शीतकालीन सत्र महत्वपूर्ण बहसों और निर्णयों का गवाह बन सकता है, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तैयार हैं।
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