क्या है मायावती का 'प्लान बुकलेट'? जिसके जरिए BSP दो दशक पुराने स्वरूप में लौटने की है तैयारी!

क्या है मायावती का 'प्लान बुकलेट'? जिसके जरिए BSP दो दशक पुराने स्वरूप में लौटने की है तैयारी!

BSP Plan Booklet: आने वाले विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के मद्देनजर सभी प्रमुख राजनीतिक दल सियासी तैयारी में जुटे हुए हैं। इस क्रम में, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने भी अपनी चुनावी रणनीति को लेकर जोरदार तैयारी शुरू कर दी है। हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद, बसपा ने अपने कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर मायावती के शासनकाल की उपलब्धियों की जानकारी देने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत, बसपा ने एक 'प्लान बुकलेट' तैयार की है, जिसमें मायावती के चार बार के मुख्यमंत्री कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण होगा। पार्टी के कार्यकर्ता इस बुकलेट को जल्द ही घर-घर वितरित करेंगे।

बसपा का चुनावी ग्राफ और उसकी चिंताएं

हाल के कुछ चुनावों में बसपा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जिससे पार्टी की चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से इस साल के लोकसभा चुनावों के परिणामों ने पार्टी को अपनी रणनीति में बदलाव करने को मजबूर कर दिया है। पार्टी ने तय किया है कि वह अपने पुराने स्वरूप में वापसी करेगी, जिसे मायावती की मजबूत नेता की छवि और समाज के लोगों एवं महापुरुषों को सम्मान देने के लिए जाना जाता था। अब बसपा अपने युवा वोटरों से संवाद स्थापित करने के लिए पुराने नेताओं और कैडर को जिम्मेदारियां सौंप रही है।

'प्लान बुकलेट' के माध्यम से प्रचार अभियान

बसपा की योजना के अनुसार, उनके शासनकाल की उपलब्धियों को एक बुकलेट के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस बुकलेट को लाखों की संख्या में छपवाया गया है और इसे घर-घर वितरित करने की तैयारी की जा चुकी है। हाल में हुई बसपा की बैठक में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने जनसंपर्क अभियान के जरिए इस बुकलेट को अधिकतम लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में, जहां बसपा का जनाधार है, इस बुकलेट को बांटने की योजना बनाई गई है। पार्टी का उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी को मायावती के कार्यकाल की महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी मिले।

मायावती की चुनावी महत्वाकांक्षाएं और रणनीति

बसपा सुप्रीमो मायावती ने महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा के प्रमुख चुनावों और उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में भाग लेने की योजना बनाई है। मायावती इन चुनावों को अपने खोए हुए जनाधार को फिर से प्राप्त करने का बड़ा अवसर मान रही हैं। इसलिए, उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं को 'प्लान बुकलेट' के माध्यम से प्रचारित करने की रणनीति बनाई है। मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए ओबीसी और दलित समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं लगवाई गई थीं, कई शहरों और संस्थानों के नामकरण महापुरुषों के नाम पर किए गए थे, और बड़े स्मारक बनवाए गए थे। बसपा का उद्देश्य है कि इन उपलब्धियों के साथ-साथ मायावती की कड़क छवि और कानून व्यवस्था की बात भी आज के युवा वोटरों के सामने लाना है, ताकि पार्टी को उनके समर्थन और जुड़ाव की उम्मीद हो सके।

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