Kolkata Rape-Murder Case: CBI ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट, पुलिस की लापरवाही का किया जिक्र

Kolkata Rape-Murder Case: CBI ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट, पुलिस की लापरवाही का किया जिक्र

Kolkata Rape-Murder Case: कोलकाता रेप और हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले की सुनवाई सीजेआई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच कर रही है। शीर्ष अदालत ने कोलकाता रेप हत्याकांड मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है। CBIऔर कोलकाता पुलिस ने आज सुप्रीम कोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। CBIने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की है। CBIने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में कोलकाता पुलिस की ओर से हुई लापरवाही का जिक्र किया है। स्टेटस रिपोर्ट में संदेह के आधार पर जिन लोगों से पूछताछ की गई है उनका विवरण भी दिया गया है। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने घटना स्थल सुरक्षित नहीं होने की भी रिपोर्ट दर्ज की है।

बता दें कि, कोलकाता पुलिस ने इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। इसमें पुलिस द्वारा की गई जांच में लापरवाही के आरोपों का बचाव करते हुए घटना के दिन का ब्योरा पेश किया गया है। कोलकाता में मौजूद CBIकी टीम ने एडिशनल डिटेक्टर और डीएसपी के नेतृत्व में यह रिपोर्ट तैयार की है। इस मामले में अब तक क्या हुआ:

अभी तक सिर्फ एक आरोपी गिरफ्तार

पिछले 6 दिनों में CBIदो लोगों से लगातार पूछताछ कर चुकी है। पहला मुख्य आरोपी संजय रॉय और दूसरा पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष है।CBIने अस्पताल जाकर तमाम फोरेंसिक जांच की और सबूत जुटाने की कोशिश की। CBIकी सीएफएसएल टीम के पांच डॉक्टरों ने संजय रॉय का मनोवैज्ञानिक परीक्षण किया, यानी उनकी मानसिक स्थिति जानने की कोशिश की, जिसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। यह टेस्ट इसलिए कराया गया ताकि जांच एजेंसी यह सुनिश्चित कर सके कि आरोपी संजय रॉय की बातों पर यकीन किया जा सके या नहीं।

CBIने इस एंगल पर भी जांच की कि क्या संजय रॉय अकेले अपराध में शामिल थे या एक से अधिक आरोपी थे। CBIने कई बार अस्पताल यानी घटनास्थल का दौरा किया और विशेषज्ञों के साथ नमूने एकत्र किए और मौके की मैपिंग भी की गई। रिपोर्ट अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तैयार की गई थी जिसमें घटना से पहले और बाद में आरोपी संजय रॉय की हरकत देखी गई थी। अपराध स्थल पर बहुत सारे पैरों के निशान पाए गए क्योंकि हत्या के बाद अपराध स्थल को सुरक्षित नहीं रखा गया था। इसके अलावा पास में ही रेनोवेशन भी हुआ था जिससे संदेह है कि बहुत सारे सबूत नष्ट हो गए हैं।

पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को लेकर CBIइन पहलुओं पर जांच कर रही है-

- संदीप घोष ने जल्दबाजी में परिवार को क्यों बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है?

- क्या जानबूझकर ऐसी बात कही गई ताकि हत्या को छुपाया जा सके और सबूत मिटाए जा सकें?

- पुलिस को सूचना देने से पहले संदीप घोष ने हॉस्पिटल स्टाफ के साथ मीटिंग क्यों की?

- पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष ने तुरंत इस्तीफा दे दिया और पूछा कि उन्होंने ज्वाइन क्यों किया?

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