DRDO Vikram Armored Vehicle: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय सेना के लिए एक शक्तिशाली नया हथियार तैयार कर लिया है। विक्रम VT-21 एडवांस्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म नामक यह वाहन पानी में तैर सकता है, पहाड़ी इलाकों में आसानी से चढ़ सकता है और दुश्मन की गोली-बारूद से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। DRDO ने 25 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में इसके ट्रैक्ड और व्हील्ड दोनों वेरिएंट को रोल आउट किया।
DRDO की व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (VRDE) ने ताता एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और भारत फोर्ज लिमिटेड के साथ मिलकर मात्र तीन वर्षों में यह प्लेटफॉर्म विकसित किया है। DRDO चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत की मौजूदगी में दोनों वेरिएंट को फ्लैग ऑफ किया गया। DRDO का यह नया तोहफा सीमा पर तैनात सैनिकों की लड़ाकू क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।
Also read: AAP की उम्मीदों पर फिरा पानी, सभापति ने सभी 7 सांसदों को BJP में विलय को दी हरी झंडी
क्या है इसकी खासियत?
1. एम्पियर क्षमता: हाइड्रो-जेट्स से लैस यह वाहन नदियों, नालों और पानी की बाधाओं को बिना किसी सहायता के पार कर सकता है।
2. पहाड़ी इलाकों में मजबूत: हाई अल्टीट्यूड ऑपरेशंस के लिए खासतौर पर ऑप्टिमाइज्ड, जो LAC और हिमालयी क्षेत्र में बेहद उपयोगी साबित होगा।
3. सुरक्षा स्तर: STANAG लेवल 4 और 5 का मॉड्यूलर ब्लास्ट और बैलिस्टिक प्रोटेक्शन। माइन्स, IED और भारी गोलीबारी से बेहतर सुरक्षा।
4. क्षमता: इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (ICV) और आर्मर्ड पर्सनल कैरियर (APC) दोनों भूमिकाओं के लिए तैयार। लगभग 11 सैनिकों (ड्राइवर, कमांडर सहित) को ले जाने की क्षमता।
5. आधुनिक हथियार: 30mm क्रूलेस टरेट, एंटी-टैंक मिसाइल लॉन्चर, मशीन गन और अन्य एडवांस्ड सिस्टम लगाने की सुविधा।
आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
DRDO के अधिकारियों के अनुसार, विक्रम VT-21 आधुनिक युद्ध की जरूरतों जैसे तेज गति, बेहतर मोबिलिटी, क्रॉस-कंट्री क्षमता और मॉड्यूलर डिजाइन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। खास बात यह है कि यह वाहन सड़क पर तेज चलने, खराब इलाके में दौड़ने और पानी पार करने में सक्षम है। यह विकास भारतीय सेना की मशीनीकृत इन्फैंट्री को नई ताकत देगा और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को मजबूत करेगा। आने वाले दिनों में परीक्षणों के बाद बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।