दिल्ली हाई कोर्ट से बृजभूषण को लगा बड़ा झटका, FIR और चार्जशीट को रद्द करने वाली याचिका खारिज

दिल्ली हाई कोर्ट से बृजभूषण को लगा बड़ा झटका, FIR और चार्जशीट को रद्द करने वाली याचिका खारिज

Women Wrestler Case: महिला पहलवानों से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। बृजभूषण ने उनके खिलाफ दर्ज FIR, चार्जशीट और निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं दी।

दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश: शार्ट नोट जमा करने का निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने बृजभूषण के वकील को निर्देश दिया है कि वे मामले में एक शार्ट नोट कोर्ट में जमा करें। इस शार्ट नोट में उन्हें मामले की तथ्यों और कानूनी स्थिति को संक्षेप में प्रस्तुत करना होगा। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण की याचिका की मेंटनेबिलिटी पर सवाल उठाया और कोर्ट से पूछा कि जब आरोप तय हो चुके हैं, तो बृजभूषण अब क्यों याचिका दायर कर रहे हैं। कोर्ट ने इस दलील पर बृजभूषण की याचिका को खारिज कर दिया।

बृजभूषण के वकील का आरोप: FIR और आरोपों के पीछे छिपा एजेंडा

बृजभूषण के वकील ने अदालत में दलील दी कि मामले में कुल छह शिकायतकर्ता हैं और FIR दर्ज कराने के पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है। वकील ने यह भी कहा कि सभी घटनाएं विभिन्न जगहों और समय पर हुई हैं, और यह आरोप केवल एक साजिश का हिस्सा हैं। वकील ने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं। हालांकि, कोर्ट में उनकी दलीलें प्रभावी साबित नहीं हुईं, और मामले की सुनवाई जारी रहेगी।

मामला का बैकग्राउंड: पहलवानों का धरना और आरोप

पिछले साल जनवरी में, भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट जैसे शीर्ष पहलवानों की अगुआई में 30पहलवानों ने धरना दिया था। पहलवानों ने बृजभूषण पर कुश्ती संघ को मनमाने तरीके से चलाने और महिला पहलवानों तथा महिला कोचों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। धरने के बाद, पहलवानों ने बृजभूषण को संघ के कामकाज से दूर रहने को कहा और जांच की मांग की।

ओलंपिक संघ की समिति ने मामले की जांच की, लेकिन उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इसके चलते पहलवानों ने जून में फिर से धरना शुरू किया, जो लंबा चला और कई बार पुलिस के साथ संघर्ष भी हुआ। धरने के दौरान, पहलवानों ने अपने मेडल भी लौटा दिए थे। बृजभूषण के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद धरना समाप्त हुआ। बृजभूषण का कार्यकाल पिछले साल ही खत्म हो गया था और वह कुश्ती संघ से हट चुके हैं। वर्तमान में, इस मामले की सुनवाई जारी है, और बृजभूषण के खिलाफ आरोपों की जांच की जा रही है।

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