Independence Day 2026: आज देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से ध्वजारोहण किया। साथ ही देश को एक संदेश भी दिया। इस साल का आयोजन इसलिए भी खास है, क्योंकि देशभक्ति और राष्ट्रगौरव का प्रतीक राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी इस अवसर पर मनाया जा रहा है। पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस को लेकर उत्साह और देशभक्ति का माहौल है।
नक्सलवाद, माओवाद लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया- पीएम मोदी
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि कहा, "21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना बहुत अनिवार्य है। नक्सलवाद, माओवाद लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया, अनेक माताओं के दुधमल नौजवानों को छीन लिया, बर्बाद कर दिया और मां-बाप के सपनों को चूर-चूर कर दिया। इस नक्सलवाद ने चार दशक तक हिंदुस्तान के बहुत बड़े हिस्से को, वहां की बड़ी आबादी को दबोचकर रखा था, बंदूक की नोंक पर दबोचकर रखा ता और संविधान की धज्जियां उड़ा दी थीं और देश के सामान्य नागरिकों की रक्षा में 3500 से ज्यादा हमारे पुलिस सुरक्षा बल के जवान शहीद हो गए। युद्ध के अंदर जितने सैनिक मरते हैं, उससे ज्यादा हमारे पुलिस-जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी ताकि देश के सामान्य मानवी को सुरक्षा मिले। 2014 में आपने हमें जब मौका दिया, उसी दिन हमने संकल्प लिया था कि हम देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे और आज मुझे खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा, आखिरी सांस भी शायद रहने की ताकत नहीं रही। हथियारी नक्सल तो गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं, हिंसा और अराजकता के वे रास्ते खोज रहे हैं। समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए, भांति-भांति के दांव खेल रहे हैं, इन दिमागी नक्सलों को पहचानना होगा।
हमारे ऐसे ब्रांड हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कुछ चीजें मैंने बताई है लेकिन मैं इससे भी आगे सोचता हूं। मैं जरा देश को झकझोरना चाहता हूं, मैं देश की शक्ति को भी झकझोरना चाहता हूं। देश यानी केवल सरकार नहीं होती है, देश का मतलब हर नागरिक जुड़ता है। क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्यून 500 की चर्चा तो हम बहुत सुनते हैं, आने वाले 1 दशक में इन फॉर्च्यून 500 में 50 कंपनियां भारत की क्यों न हों, ये लक्ष्य हमारा क्यों न होना चाहिए। भारत का भी एक बैंक टॉप 5 बैंकों में भी होना चाहिए। समय की मांग है कि दुनिया की 5 बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी 1-2 फार्मा कंपनियों का नाम गूंजना चाहिए। क्या समय की मांग नहीं है कि ग्लोबल लीडरशिप अब हमारे हाथ में होनी चाहिए? सामर्थ्य है, हमारा लंबा इतिहास भी है, भाषाओं पर हमारा प्रभुत्व है, हमें विश्व में पहुंचना चाहिए। हमारे ऐसे ब्रांड हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती है। हमारे ब्रांड हमारी पहचान हो और विश्व के लिए एक डेस्टिनेशन बन जाए, हमें इसके लिए काम करना होगा। मैं राज्य सरकारों को कहना चाहता हूं, मैं स्थानीय स्वराज्य की संस्थाओं को कहना चाहता हूं, भारत सरकार का भी ये दायित्व है कि हमें अपने सुधारों की गति बढ़ानी होगी। हम बीते हुए काल के नीति नियमों पर नहीं चल सकते हमें आने वाले काल के अनुसार नीति नियमों को गढ़ना होगा।
मैं देश के सामने 'शक्ति की सप्त धारा' का आह्वान करता हूं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने 'शक्ति की सप्त धारा' का आह्वान करता हूं। आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ उस 'सप्त धारा' के सामर्थ्य से, उसकी शक्ति से हम देश को नई ऊंचाई और गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाले सामर्थ्य देंगे। इसके साथ-साथ देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य का भी भरपूर राष्ट्र निर्माण में उपयोग होगा, उनकी शक्ति जोड़ी जाएगी।आने वाले दिनों में जब मैं सप्त धारा की बात करता हूं तो उसकी पहली शक्ति है मैन्यूफैक्चरिंग पावर। इस सप्त धारा की दूसरी शक्ति है, कृषि और खाद्य उत्पादन। मेरी सप्त धारा की तीसरी शक्ति है, प्रौद्योगिकी और नवाचार। सप्त धारा की चौथी शक्ति है गति शक्ति। हमारी पांचवी सप्त धारा की शक्ति रक्षा बल है। हमारी सप्त धारा की छठी शक्ति है, ग्रीन इकॉनमी और ब्लू इकॉनमी। हमारी सप्त धारा की सांतवीं धारा है और दुनिया के लिए इसका अपना भी महत्व है जो है, भारत की 'सॉफ्ट पावर'।
आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "पिछले 10-12 साल हम लगातार 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए दौड़ रहे हैं। हमने सोचा भी नहीं था कि हमें इसमें भी कुछ मुसीबतों को झेलना पड़ेगा। पिछले 10-12 वर्षों में हमें कितने संकटों का सामना करना पड़ा। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। सारी अर्थव्यवस्था चरमरा गई। कोरोना से बाहर निकले तो युद्ध की विभीषिका की खबरें आने लगीं। कहीं युक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया। हर जगह तनाव का माहौल। और पता नहीं भविष्यवक्ताओं ने तो क्या-क्या घोषणाएं कर दी थीं। देश को डराना, देश को भयभीत करना, देश को चिंतित रखना, इसी में कई लोगों को आनंद आता है। सारी दुनिया भर की अफवाहें फैलाकर, भारत के लोगों को भयभीत करने का, डराने कर, चिंता में डुबो देने में कुछ लोगों को आनंद आ रहा था लेकिन देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं और हम इतने बड़े संकट के बावजूद भी नागरिक देवो भव: के मंत्र को लेकर जीते हुए, भारत ने जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक कदम उठाया था, सोचा नहीं था कि ये संकट आएगा लेकिन संकट के समय में ये सारी चीजें काम आ गई और आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है।
आज 1.75 करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम होता है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा, "एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर हमें वैकल्पिक स्रोतों की ओर भी पूरी शक्ति लगाना बहुत जरूरी है। और इसलिए ऊर्जा का सही इस्तेमाल बढ़ाते हुए भारत इसी दिशा में आज तेजी से काम कर रहा है। 2014 से पहले मतलब आज से 12 साल पहले, हमारे देश में केवल 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी। 12 साल में इन 70 शहरों को हमने 700 शहरों तक पहुंचा दिया है। ये होती है रफ्तार। 2014 के पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुंचती थी। आज 1.75 करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम होता है।
लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले 10-12 साल हम लगातार 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए दौड़ रहे हैं...हमने सोचा भी नहीं था कि हमें इसमें भी कुछ मुसीबतों को झेलना पड़ेगा। पिछले 10-12 वर्षों में हमें कितने संकटों का सामना करना पड़ा। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। सारी अर्थव्यवस्था चरमरा गई। कोरोना से बाहर निकले तो युद्ध की विभीषिका की खबरें आने लगीं। कहीं युक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया। हर जगह तनाव का माहौल। और पता नहीं भविष्यवक्ताओं ने तो क्या-क्या घोषणाएं कर दी थीं। देश को डराना, देश को भयभीत करना, देश को चिंतित रखना, इसी में कई लोगों को आनंद आता है। सारी दुनिया भर की अफवाहें फैलाकर, भारत के लोगों को भयभीत करने का, डराने कर, चिंता में डुबो देने में कुछ लोगों को आनंद आ रहा था लेकिन देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं और हम इतने बड़े संकट के बावजूद भी नागरिक देवो भव: के मंत्र को लेकर जीते हुए, भारत ने जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक कदम उठाया था, सोचा नहीं था कि ये संकट आएगा लेकिन संकट के समय में ये सारी चीजें काम आ गई और आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है।
कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान होगा, हर किसी में चिप अनिवार्य- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि देश आजाद होने के बाद विश्व में सेमीकंडक्टर की चर्चा हो चुकी थी। हमारे यहां भी बातें होती थी लेकिन सेमीकंडक्टर का कोई बड़ा प्लान हम आगे नहीं बढ़ा पाए। आज की डिजिटल दुनिया और तकनीक में हम चिप का महत्व समझते हैं। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान होगा, हर किसी में चिप अनिवार्य है। इसके बिना दुनिया थम जाए ऐसी स्थिति पैदा होती है। इसलिए भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया है। 3 प्लांट शुरू हो गए हैं। आने वाले 7-8 साल में और प्लांट शुरू होने वाले हैं।
कई बार संसाधनों की कमी के कारण देश रुकता नहीं है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कई बार संसाधनों की कमी के कारण देश रुकता नहीं है लेकिन रुकने का कारण सोच की सीमाएं होती हैं। जब सोच बंध जाती है, सीमाओं में सड़ने लग जाती है तब हम अपने सामर्थ्य को भी पहचान नहीं पाते हैं। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है और हमारी गलत सोच के कारण है। आप जानकर हैरान रह जाएंगे, हमने समुद्री तट पर, 99% हमारा समुद्री तट का पूरा हिस्सा ऐसी सोच के कारण 'नो-गो एरिया' घोषित कर रखा है। हमने ही समुद्र के अंदर जाकर अन्वेषण न करने का निर्णय कर लिया था। ये सोच का दायरा था। हमने फैसला किया कि ये नहीं चल सकता। हमने उस 99 प्रतिशत क्षेत्र को 'गो-अहेड एरिया' के रूप में खुला कर दिया है। हम समुद्र के भीतर भी नए-नए भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं..."
हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "बीते वर्षों में हमारा दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है। हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, जल्दी मिलता है लेकिन उससे हमारा सामर्थ्य तैयार नहीं होता। इसलिए हमें भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद करनी है इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना बढ़ा, खादी एवं ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना हुआ, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ा, आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा, मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा, इतना ही नहीं आधुनिक युग को लेकर भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट यूजर्स, इंटरनेट कंज्यूमर्स करीब-करीब 4 गुना बढ़े करीब-करीब 50 गुना बढ़े, पेटेंट ग्रांट होने की संख्या 4 गुना बढ़ी, डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े, सामान्य मानवी की सुविधा की ओर भी हमने उतनी ही गंभीरता से काम किया।
हर साल 3 गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने नल से जल कनेक्शन दिए, हर साल औसतन 6 गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए, हर साल 4 गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए शौचाल्य बनाने का काम किया, हर साल 3 गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया, देश ने गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया। सैकड़ों की तादाद में कानूनों को खत्म किया। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती। हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेट्रो का विस्तार किया... ये सब, ये रफ्तार, ये विस्तार, ये उपलब्धी आजादी के बाद पहली बार पिछले 1 दशक में देखी है। जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने है, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रकट होता है तब तो2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है। ये सारे आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि हम आगे बढ़ने वाले हैं।
सामर्थ्य को रोक पाना नामुमकिन है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा, "देश आजाद हुआ, बहुत सारे सपने लेकर आजाद हुआ लेकिन हम गति नहीं पकड़ पाए, रफ्तार नहीं पकड़ पाए, होती है-चलती है, हो जाएगा-देखा जाएगा, इसी में खोए रहे। 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें 'फ्रेजाइल फाइव' में डंप कर दिया था। ऐसे समय में पिछले 12 साल में भारत ने एक नई रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से हम आगे बढ़ रहे हैं। देश-राज्यों का संकल्प है कि अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प को, सामर्थ्य को रोक पाना नामुमकिन है।
2047 में हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है। नई ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है। वो सपना है जब आजादी के 100 साल होंगे, 2047 में हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है तो ये दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है। दुनिया हमारी ओर देखने का नजरिया बदलने को मजबूर हो जाती है।"
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की दी बहुत-बहुत शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा, "मेरे प्यारे देशवासियों आज हम सब 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आज हर दिलों की धड़कन, वंदे मातरम के नाद से गूंज रही है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है और देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आज आगे बढ़ रहा है। आप सबको स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को पीएम ने किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आज उन महान सपूतों का पुन: स्मरण करता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा की। अपने तप त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर, अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को बलिदान की महान परंपरा जगाने वाले, महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि आज जो इस समारोह में उपस्थित हैं, उन सभी के लिए आज एक ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त, लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब हम देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप रहा, भूस्खलन का प्रकोप रहा, अनेक परिवार प्रभावित हुए। उनके दुख दर्द को हम भलीभांति अनुभव करते हैं। पीड़ित परिवारों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़े हैं।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है। नई ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है। वो सपना है जब आजादी के 100 साल होंगे, 2047 में हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है तो ये दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है। दुनिया हमारी ओर देखने का नजरिया बदलने को मजबूर हो जाती है।
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा, "देश आजाद हुआ, बहुत सारे सपने लेकर आजाद हुआ लेकिन हम गति नहीं पकड़ पाए, रफ्तार नहीं पकड़ पाए, होती है-चलती है, हो जाएगा-देखा जाएगा, इसी में खोए रहे। 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें 'फ्रेजाइल फाइव' में डंप कर दिया था। ऐसे समय में पिछले 12 साल में भारत ने एक नई रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से हम आगे बढ़ रहे हैं। देश-राज्यों का संकल्प है कि अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प को, सामर्थ्य को रोक पाना नामुमकिन है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर दिल 'वंदे मातरम' की धुन पर धड़क रहा है। आज हर घर में तिरंगा है। हर किसी के भीतर तिरंगा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर मैं बापू और सभी स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के गनर्स ने 21 तोपों की सलामी दी। स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल करने वाली इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत के पास है और गन पोजीशन ऑफिसर नायब सूबेदार (गनरी में असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर) अनुतोष सरकार हैं।