Haryana News: हरियाणा के पंजोखरा साहिब में हुए विवाद को लेकर उपजा तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अम्बाला में पुलिस और सिख समाज के लोगों के बीच हुए टकराव के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। पुलिस की ओर से डेढ़ दर्जन के करीब सिख युवाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जाने के विरोध में शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब छठी पातशाही में सिख समाज, विभिन्न सिख जत्थेबंदियों और किसान यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक हुई।
बैठक में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा भी मौजूद रहे। बैठक में प्रमुख रूप से मांग की गई कि सिख युवाओं के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही विवादित घटनाक्रम के दौरान माहौल खराब करने वाले पिता पुत्र को गिरफ्तार किया जाए और गिरफ्तार किए गए युवकों को रिहा किया जाए।
जत्थेदार झींडा ने कहा कि तख्त साहिब से उन्हें फोन कर हालचाल जाना गया है और संगत से अपील भी की गई है। उन्होंने तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील करते हुए कहा कि 25 अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उनकी ओर से भी आह्वान किया जाए, ताकि पूरा पंथ एकजुट होकर न्याय की मांग कर सके। उन्होंने कहा कि यह एकजुटता न्याय हासिल करने के लिए की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान न तो काली पगड़ियां बांधी जाएंगी और न ही काली पट्टियां बांधी जाएंगी, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से रोष जताया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को सिख समुदाय से जुड़े नेता, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हों, इस मामले में अपना विरोध दर्ज करवाएं।
जत्थेदार झींडा ने बताया कि लाठीचार्ज के बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी संधू का फोन आया था और उन्होंने उनका हालचाल जाना। इस दौरान प्रशासन और मुख्यमंत्री के साथ बातचीत को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की संभावना है। यदि मुख्यमंत्री आवास से बातचीत के लिए बुलावा आता है तो सिख समाज के प्रतिनिधि बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
बैठक में मौजूद नेताओं ने कहा कि मामले का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए तथा निर्दोष युवाओं पर दर्ज मामलों को वापस लेकर सिख समाज को न्याय दिया जाना चाहिए।