Ind-w vs Zim-w: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी फॉर्म का दम दिखाया। उन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की तूफानी पारी खेली और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस प्रदर्शन के बाद हरमनप्रीत ने साफ किया कि कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद अब वह बिना अतिरिक्त दबाव के अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हैं।
37 साल की हरमनप्रीत कौर ने इसी महीने भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद स्मृति मंधाना को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। कप्तानी से हटने के बाद हरमनप्रीत का ध्यान अब अपने खेल को बेहतर बनाने और मैदान पर खुलकर बल्लेबाजी करने पर है। मैच के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी तरह का अतिरिक्त दबाव महसूस नहीं होता। वह मैदान पर खुद का आनंद लेना चाहती हैं और अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं। उनकी इस पारी ने आठ पारियों से चले आ रहे अर्धशतक के इंतजार को भी खत्म कर दिया।
शुरुआत धीमी, फिर गेंदबाजों की जमकर की धुनाई
तीसरे टी20 मुकाबले में हरमनप्रीत कौर आठवें ओवर में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं। शुरुआत में उन्हें लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा और पहली 12 गेंदों पर वह केवल एक बाउंड्री लगा सकीं। हालांकि, पिच और गेंद की गति को समझने के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया। हरमनप्रीत ने कुडज़ई चिगोरा के ओवर में 20 रन बटोरकर विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। उन्होंने अपनी पारी में आकर्षक चौके और छक्के लगाए और 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने बताया कि लोरिन फिरी की गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर लगाया गया चौका उनके आत्मविश्वास के लिए अहम रहा। उस शॉट के बाद उन्हें महसूस हुआ कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी है और वह अपने स्वाभाविक अंदाज में खेल सकती हैं।
बैटिंग कोच हिमांशु को दिया श्रेय
हरमनप्रीत ने अपनी वापसी का श्रेय बल्लेबाजी कोच हिमांशु को भी दिया। उन्होंने बताया कि नेट्स में बैट स्विंग पर काम करने और अभ्यास के दौरान मैच जैसे दबाव का अनुभव करने से उन्हें फायदा मिला। उनके मुताबिक, कोच चाहते हैं कि वह अभ्यास के दौरान ही दबाव की परिस्थितियों के लिए तैयार रहें, ताकि मैच के दौरान अतिरिक्त दबाव महसूस न हो। हरमनप्रीत ने कहा कि कोच की तकनीक और रणनीति उनके लिए अच्छी तरह काम कर रही है।
स्मृति मंधाना ने बैटिंग ऑर्डर में बदलाव को बताया फायदेमंद
भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने भी टीम के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग खिलाड़ियों को बल्लेबाजी का मौका देने से उन्हें मैच में समय बिताने और रन बनाने का अवसर मिला।
तीसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इस दौरान स्मृति मंधाना ओपनिंग करने नहीं उतरीं और अनुष्का शर्मा ने शैफाली वर्मा के साथ पारी की शुरुआत की। मंधाना के मुताबिक, सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में बल्लेबाजी क्रम के कुछ खिलाड़ियों को पर्याप्त समय नहीं मिल पाया था, इसलिए इस बदलाव से टीम को फायदा हुआ।
गेंदबाजी के विकल्प बढ़ाने पर भारत का जोर
स्मृति मंधाना ने टीम के बढ़ते गेंदबाजी विकल्पों पर भी संतोष जताया। शैफाली वर्मा और निकी प्रसाद को गेंदबाजी का मौका देना टीम की रणनीति का हिस्सा रहा। भारतीय कप्तान के अनुसार, आने वाले महीनों में ओस के कारण गेंदबाजी की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, इसलिए टीम के पास अधिक गेंदबाजी विकल्प होना जरूरी है।
भारत अगले साल फरवरी में होने वाली पहली छह टीमों की महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी कर रहा है। इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत करेगा और मुकाबले मुंबई तथा वडोदरा में खेले जाने हैं। ऐसे में हरमनप्रीत कौर की शानदार फॉर्म और टीम के बढ़ते गेंदबाजी विकल्प भारतीय टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं।