Uttar Pradesh News:नोएडा में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए छह लेन की नई एलिवेटेड रोड बनाने की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। सेक्टर-16 फिल्म सिटी अंडरपास के आगे से सेक्टर-60 तक प्रस्तावित इस कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। करीब 5.49 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 800 से 850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आईआईटी रुड़की ने इसका तकनीकी प्रस्ताव तैयार किया है। परियोजना के पूरा होने से नोएडा के प्रमुख सेक्टरों के बीच आवागमन सुगम होने और व्यस्त सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
नोएडा में बढ़ते यातायात के कारण सेक्टर-12, सेक्टर-22 और सेक्टर-57 समेत कई प्रमुख चौराहों पर लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के जरिए वाहन चालकों को इन व्यस्त चौराहों से बचकर आगे बढ़ने का विकल्प मिल सकता है। इससे दिल्ली के डीएनडी फ्लाईवे से नोएडा के सेक्टर-60 और सेक्टर-62 की ओर जाने वाले यात्रियों का सफर आसान होने की संभावना है। हालांकि, परियोजना की अंतिम लागत और निर्माण शुरू होने की तारीख प्राधिकरण की आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
सेक्टर-60 तक पहुंचेगा कॉरिडोर
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का मार्ग सेक्टर-3 से शुरू होकर सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 के टी-पॉइंट और सेक्टर-57 से होते हुए सेक्टर-60 तक जाएगा। सेक्टर-12 और सेक्टर-22 के टी-पॉइंट पर सड़क को मोड़ने के लिए विशेष डिजाइन तैयार किया गया है। इस कॉरिडोर से आसपास के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय यातायात को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।
गाजियाबाद तक पहुंचना होगा आसान
सेक्टर-60 के सामने एलिवेटेड रोड से उतरने के बाद वाहन चालक सेक्टर-73, सेक्टर-121, सेक्टर-59, सेक्टर-62 और सेक्टर-63 की ओर जा सकेंगे। इन मार्गों के जरिए गाजियाबाद की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। डीपीआर मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण लागत और तकनीकी पहलुओं की जांच करेगा। इसके बाद आवश्यक मंजूरियों और टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। परियोजना की मंजूरी और निर्माण की समयसीमा तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोगों को जाम से राहत कब मिलनी शुरू होगी।
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