
Nishikant Dubey Challenges Raj Thackeray: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में इन दिनों हिन्दी भाषा को लेकर विवाद छिड़ हुआ है। बीते 5 जुलाई को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने एक साथ मंच साझा किया और मराठी अस्मिता की पैरवी की। साथ ही उन्होंने कहा कि मुंबई में हिन्दी भाषा बर्दाश्त नहीं है। अब राज ठाकरे का ये बयान राजनीतिक रंग ले चुका है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने खुले तौर राज ठाकरे को बिहार आने की चुनौती दे दी। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी।
बिहार आकर दिखाओ-निशिकांत दुबे
निशिकांत दुबे ने कहा कि रिफाइनरी अगर रिलायंस ने लगाई है, तो गुजरात में लगाई है। सेमीकंडक्टर की इंडस्ट्री भी गुजरात में आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर राज ठाकरे में हिम्मत है तो उर्दूभाषी को भी मारो, तेलुगू-तमिलभाषी को भी मारो। अपने घर में हो, महाराष्ट्र में हो। अगर इतने बड़े बॉस हो तो चलो बिहार। चलो उत्तर प्रदेश, तुमको पटक-पटक कर मारेंगे। निशिकांत दुबे ने कहा कि मराठी एक आदरणीय भाषा है। हम छत्रपति शाहूजी का सम्मान करते हैं।
हमारे पैसे पर पल रहे हो-निशिकांत दुबे
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि आप किसकी रोटी खा रहे हो। टाटा, बिरला, रिलायंस की महाराष्ट्र में यूनिट तक नहीं है। टाटा ने पहली फैक्ट्री बिहार में बनाई। हमारे पैसे पर तुम पल रहे हो। तुम कौन सा टैक्स देते हो। कौन सी इंडस्ट्री है तुम्हारे पास। सारे माइंस हमारे पास है या फिर झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश या ओडिशा के पास है।
निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि हम सभी का सम्मान करते हैं। उन सबों के चाहे तिलक हों या फिर लाजपत राय हों। आजादी के आंदोलन में गोपाल कृष्ण गोखले ने बड़ा योगदान दिया है। हम सभी मराठी स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते हैं। भारत की स्वतंत्रता में बहुत बड़ा योगदान है लेकिन, वोट बैंक की राजनीति के कारण उद्धठ ठाकरे और राज ठाकरे ऐसा कर रहे हैं।
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