
Sambhal Jama Masjid Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार को हुई हिंसा के बाद पुलिस सख्त नजर आ रही है। पुलिस ने हिंसाग्रस्त इलाके में रातभर छापेमारी की। जिसके बाद उन्होंने कई घरों से हथियार बरामद किए। साथ ही महिलाओं समेत कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया। सोमवार को पुलिस ने हिंसा के लिए लोगों को भड़काने के आरोप में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, मालमे की गंभीरता को देखते हुए शहर में PAC के अलाव 30 थानों की पुलिस और RRF के जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही शहर में धारा 163 लागू किया गया है।
गौरतलब है कि रविवार संभल में स्थित जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की। गलियों में पत्थरों को अंबार लग गया। साथ ही पुलिस के कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारियों ने काफी मुश्किलों का सामना करने के बाद माहौल को शांत किया। इस हिंसा में कई पुलिस वाले भी गंभीर रुप से घायल हो गए। वहीं, पथराव और गोलीबारी के कारण चार लोगों को जान भी चली गई। हालांकि, इन लोगों को गोली किसने मारी, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
पत्थरों का लगा अंबार
रविवार को कुछ ही घंटों में इतनी पत्थरबाजी हुई कि पूरा इलाका पत्थरों से पट गया। साथ ही पुलिस के द्वारा खदेड़े जाने के बाद उपद्रवियों चप्पलों का अंबार भी देखने को मिला। सोमवार को इन सबको हटाने के लिए नगर निगम को कई टीमों को लगाना पड़ा। नगर निगम ने कई ट्रेक्टरों की मदद से सड़क पर पड़े पत्थरों और चप्पलों को हटाया। साथ ही जली हुई गाड़ियों को हटाने के लिए JCB का मदद लिया गया। पुलिस के मुताबिक, उपद्रवियों ने करीब डेढ़ घंटे तक पत्थरबाजी की। इसके लिए उन्होंने नाबालिगों को आगे रखा। जिससे पुलिस उनपर कोई कार्रवाई ना कर पाए। हालांकि, किसी भी तरह आंसू गैस छोड़कर भीड़ को खदेड़ा गया। बता दें, कल शाम से शहर में शांति देखने को मिल रही है। 30 नवंबर तक किसी भी बाहरी व्यक्ति को शहर में प्रवेश करने की मनाही है। पुलिस ने कहा है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर धारा 223 के तहत एक्शन लिया जाएगा।
सांसद के खिलाफ केस दर्ज
संभल में हिंसा भड़काने के लिए सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। कुछ दिनों पहले जामा मस्जिद के बाहर सांसद जियाउर्रहमान बर्क सर्वे के मामले पर बोलते नजर आ रहे हैं। पुलिस मान रही है कि इसी तकरीर के बाद लोग सड़क पर उतर आए। हालांकि, इस मामले में मुरादाबाद संभागीय आयुक्त ने कहा, “रविवार को सर्वे शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन अचानक मस्जिद के बाहर भारी संख्या में लोग जुट गए और धार्मिक नारे लगाने लगे। जब पुलिस ने इलाके को खाली करवाने की कोशिश की तो भीड़ ने पत्थरबाजी शुरु कर दी। हिंसा में शामिल लोगों को उकसाया गया था, जिनका उद्देश्य शांति को बधित करना था।“
Leave a comment