मस्जिद के अवैध निर्माण के खिलाफ शिमला में प्रदर्शन, हिंदू संगठनों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम; विधानसभा में भी बवाल

मस्जिद के अवैध निर्माण के खिलाफ शिमला में प्रदर्शन, हिंदू संगठनों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम; विधानसभा में भी बवाल

Shimla Masjid Controversy: शिमला के संजौली क्षेत्र में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद तेज हो गया है। इस मसले पर न केवल स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है, बल्कि कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच भी तीखी बयानबाज़ी चल रही है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है, जिससे सियासी तापमान और बढ़ गया है।

हिंदू संगठनों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

हिंदू संगठनों ने मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। गुरुवार को इन संगठनों ने संजौली बाजार में एक रोष मार्च निकाला और मस्जिद के बाहर घेराव किया। उनका कहना है कि मस्जिद का निर्माण अवैध है और इसे तुरंत तुड़वाया जाना चाहिए। इस प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अवैध निर्माण को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने उठाए गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में मस्जिद के निर्माण पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि संजौली बाजार में महिलाओं की सुरक्षा को खतरा है और वहां ड्रग्स, चोरी और "लव जिहाद" जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण पहले एक मंजिल के लिए अनुमत था, लेकिन बिना अनुमति के चार और मंजिलें जोड़ी गईं। सिंह ने सवाल उठाया कि प्रशासन ने इस अवैध निर्माण की बिजली-पानी की सेवाएं क्यों नहीं काटीं।

ओवैसी का कांग्रेस पर हमला

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अनिरुद्ध सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर भाजपा की भाषा बोलने का आरोप लगाया। ओवैसी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, "क्या हिमाचल की सरकार भाजपा की है या कांग्रेस की? हिमाचल की 'मोहब्बत की दुकान' में नफ़रत ही नफ़रत है।"

अनिरुद्ध सिंह ने ओवैसी को दिया जवाब

ओवैसी के बयान पर अनिरुद्ध सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि मस्जिद के निर्माण का मुद्दा वैधता का है, न कि धार्मिकता का। उन्होंने ओवैसी को भाजपा की बी टीम करार देते हुए कहा कि उनकी राजनीति केवल एक समुदाय के आधार पर चलती है। सिंह ने दावा किया कि अपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग हिमाचल में आ रहे हैं और उनकी पहचान करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों का सम्मान किया जाएगा और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विवाद की जांच की जा रही है और दोषियों को सजा मिलेगी। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मस्जिद के अवैध निर्माण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विक्रमादित्य सिंह की अपील

कांग्रेस के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सावधानी बरतने की अपील की और कहा कि हिमाचल का इतिहास सबको साथ लेकर चलने का है। उन्होंने सरकार से न्यायपूर्ण कार्रवाई की उम्मीद जताई और कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि मस्जिद के लिए केवल एक मंजिल की अनुमति दी गई थी, लेकिन अतिरिक्त मंजिलें बिना अनुमति के बनाई गईं। यह मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है और वक्फ बोर्ड भी इसमें पार्टी है। अत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोर्ट में जाने के बाद से कोई नया निर्माण नहीं हुआ है।

स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

मस्जिद के खिलाफ बढ़ते विरोध और तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और उपायुक्त अनुपम कश्यप मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। एसपी संजीव गांधी ने आश्वासन दिया कि वह किसी भी सामाजिक तनाव को बढ़ने नहीं देंगे और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मारपीट के मामले में अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और मामले की जांच एएसपी रतन नेगी को सौंपी गई है।

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