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गर्दन की झुर्रियां बता रही आपकी असली उम्र, इग्नोर करने की बजाए तुरंत बदलें ये 5 आदतें

गर्दन की झुर्रियां बता रही आपकी असली उम्र, इग्नोर करने की बजाए तुरंत बदलें ये 5 आदतें

Health Tips:आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम चेहरे की देखभाल तो पूरी करते हैं, लेकिन गर्दन जैसी संवेदनशील जगह को अक्सर भूल जाते हैं। गर्दन की त्वचा चेहरे से भी पतली होती है, इसलिए यह सबसे पहले बुढ़ापे के संकेत दिखाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, 30की उम्र से ही कोलेजन और इलास्टिन का उत्पादन कम होने लगता है, जो त्वचा को ढीला और झुर्रीदार बना देता है। सूरज की किरणें, गलत आदतें और तनाव इसे और तेज कर देते हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि समय रहते संकेत पहचानकर और कुछ आसान बदलाव अपनाकर आप इसे रोक सकते हैं। आइए जानते हैं गर्दन पर दिखने वाले प्रमुख संकेत और उन्हें ठीक करने के उपाय।

गर्दन पर दिखने वाले समय से पहले बुढ़ापे के संकेत

डॉक्टरों ने बताया कि गर्दन पर ये लक्षण 20-30की उम्र में ही नजर आने लगते हैं, खासकर अगर आप सनस्क्रीन भूल जाते हैं या फोन पर ज्यादा झुककर देखते हैं। इन्हें इग्नोर न करें, क्योंकि ये फोटोएजिंग (सूरज से होने वाला समय से पहले बुढ़ापा) या टेक नेक का संकेत हो सकते हैं।

1.हॉरिजॉन्टल लाइन्स: गर्दन पर गड्ढेदार रेखाएं, जो फोन या कंप्यूटर देखते समय झुकने से बनती हैं। ये 'टेक नेक' कहलाती हैं और त्वचा को स्थायी रूप से क्रीज कर देती हैं।

2.त्वचा का ढीलापन या लटकना: गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वचा ढीली पड़ने लगती है, जिससे 'टर्की नेक' जैसा दिखता है। यह मांसपेशियों के कमजोर होने से होता है।

3.सूखापन और क्रीपी टेक्स्चर: त्वचा बारीक और पेपर जैसी लगने लगती है, क्योंकि नमी और कोलेजन की कमी हो जाती है।

4.पीले-भूरे धब्बे (एज स्पॉट्स): सूरज की यूवी किरणों से होने वाले काले धब्बे, जो असमान रंगत पैदा करते हैं।

5.लंबवत बैंड्स या मसल स्ट्रिप्स: प्लेटिस्मा मसल कमजोर होने से गर्दन पर उभरी हुई रेखाएं बन जाती हैं।

ये संकेत न सिर्फ कॉस्मेटिक समस्या हैं, बल्कि ये त्वचा कैंसर या अन्य स्वास्थ्य मुद्दों का संकेत भी हो सकते हैं। अगर ये लक्षण तेजी से बढ़ें, तो डॉक्टर से सलाह लें।

तुरंत बदलें ये आदतें

समय से पहले बुढ़ापे को रोकना मुश्किल नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि 80%एजिंग पर्यावरणीय कारकों से होती है, इसलिए जीवनशैली में बदलाव लाएं।

फोन पर झुककर न देखें -

लगातार झुकने से त्वचा पर स्थायी क्रीज पड़ जाते हैं। फोन को आंखों के स्तर पर रखें। हर 20मिनट में ब्रेक लें और गर्दन को सीधा करें। योगा या नेक स्ट्रेचिंग करें।

सनस्क्रीन न लगाना -

UV किरणें कोलेजन नष्ट करती हैं, जिससे झुर्रियां और धब्बे बढ़ते हैं। रोज SPF 30+ वाला सनस्क्रीन गर्दन पर लगाएं, चाहे घर में रहें। टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करें।

धूम्रपान या ज्यादा शराब पीना -

ये कोलेजन तोड़ते हैं और रक्त संचार कम करते हैं। अच्छी सेहत के लिए धूम्रपान छोड़ें। शराब सीमित रखें। इसके बजाय पानी ज्यादा पिएं (दिन में 8-10गिलास)।

खराब डाइट और नींद की कमी -

शुगर वाली चीजें ग्लाइकेशन बढ़ाती हैं, जो त्वचा को सख्त बनाती है। नींद से रिकवरी रुक जाती है। एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल-सब्जियां (विटामिन C, E) खाएं। रात को 7-8घंटे सोएं।

गर्दन की देखभाल न करना -

चेहरे पर क्रीम लगाकर गर्दन भूल जाना आम बात है, लेकिन ऐसा करने से गर्दन की स्किन हमेशा रुखी-रुखी लगेगी। इसलिए चेहरे की क्रीम गर्दन तक लगाएं। रेटिनॉल या पेप्टाइड वाली क्रीम रात में यूज करें। मॉइस्चराइजर रोज अप्लाई करें।

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