Haryana News: हरियाणा के रेवाड़ी के गांव भाड़ावास में पंचायत की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। गांव के बाहर शाहजहांपुर रोड स्थित श्मशान भूमि में करीब आठ लाख रुपये की सरकारी ग्रांट से ओपन जिम का निर्माण करा दिया गया है। हालात यह हैं कि एक तरफ अंतिम संस्कार की जगह है और ठीक सामने कसरत करने की मशीनें लगी हैं।
करीब चार माह पहले बनी इस जिम में डर और झिझक के चलते कोई भी ग्रामीण कसरत करने नहीं पहुंचता, जबकि सरकारी बजट पूरी तरह खप चुका है। दशकों पुरानी करीब आधा एकड़ श्मशान भूमि में कुल तीन टीन शेड बने हुए हैं। दो शेड अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित हैं, जबकि तीसरे बड़े शेड का उपयोग शवयात्रा में शामिल लोगों के बैठने के लिए किया जाता था। पंचायत ने इसी बैठने वाले शेड में टाइलें बिछवाकर ओपन जिम के उपकरण लगवा दिए। अब अंतिम संस्कार के समय लोगों के बैठने तक की जगह नहीं बची है।
सरकार की हर गांव में ओपन जिम योजना के तहत इसके निर्माण के लिए न्यूनतम 450 वर्गगज जमीन की दरकार थी। गांव के सरपंच सुनील कुमार का कहना है कि पंचायत के पास गांव के भीतर 350 वर्गगज से बड़ी कोई दूसरी भूमि उपलब्ध नहीं थी। इसलिए श्मशान घाट की जमीन पर ही यह जिम बनवाई गई।
अब सवाल यह है कि ज़ब जगह का आभाव था तो गांव से बाहर और श्मशान मे पैसे कि बर्बादी क्यों कि गई? ऐसे माहौल में न तो युवा कसरत करने जा सकते हैं और न ही बच्चे खेलने, जिससे लाखों रुपये की यह परियोजना पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रही है।