Haryana News: हरियाणा में दूध के खरीद भाव को लेकर पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र के बीच मांग तेज हो गई है। पशुपालक दूध की कीमत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और राज्यभर में 1 से 3 अक्टूबर तक तीन दिन दूध की सप्लाई बंद रखने का आह्वान किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस अभियान में पशुपालकों के साथ दूध विक्रेताओं और डेयरी से जुड़े लोगों को भी शामिल होने की अपील की गई है।
पशुपालकों का कहना है कि पशु आहार, चारा, खल और दूसरी जरूरतों की लागत बढ़ने से मौजूदा दूध भाव पर पशुपालन करना मुश्किल हो रहा है। हरियाणा के कई जिलों में भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर करने की मांग सामने आई है।
78 रुपये से 80 रुपये करने का प्रस्ताव
वीटा के स्तर पर 10 फैट वाले दूध के लिए पशुपालकों को फिलहाल करीब 78 रुपये प्रति लीटर भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है। जींद वीटा प्लांट की ओर से इसमें 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर 80 रुपये प्रति लीटर करने की सिफारिश मुख्यालय को भेजे जाने की रिपोर्ट है। यानी पशुपालकों की 100 रुपये तक की मांग और वीटा के प्रस्तावित 80 रुपये के भाव के बीच अंतर बना हुआ है। पशुपालक बढ़ती लागत को दूध के रेट में बढ़ोतरी का आधार बता रहे हैं।
वीटा नेटवर्क पर पड़ सकता है असर
हरियाणा में वीटा का दूध संग्रह और वितरण नेटवर्क काफी बड़ा है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, वीटा से एक लाख से अधिक दूध उत्पादक और 3,514 मिल्क को-ऑपरेटिव सोसायटी जुड़ी हैं। राज्य में दूध संग्रह के लिए 209 बल्क मिल्क कूलर, 16 मिल्क चिलिंग सेंटर और छह मिल्क प्लांट संचालित होते हैं।
ऐसे में यदि दूध की सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका असर दूध कंपनियों के साथ-साथ निजी डेयरी कारोबार और उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। वहीं, दूध की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की बात सामने आई है।