Haryana News: हरियाणा के बहुचर्चित IDFC फर्स्ट बैंक–AU स्मॉल फाइनेंस बैंक सरकारी खातों के घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए IDFC बैंक के एरिया हेड और AU बैंक के एक ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को आज पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया।
CBI की विशेष कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 3 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। बचाव पक्ष के वकील अभिषेक राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपियों को तीन दिन की सीबीआई डिमांड पर भेजा गया है। दोनों आरोपियों की पहचान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में कैशियर चरणजीत सिंह रंधावा और एयू स्मॉल बैंक में डाटा एंट्री क्लर्क मोहम्मद शमीमदार के रूप में हुई है। CBI की जांच के अनुसार दोनों बैंक अधिकारियों की भूमिका सरकारी विभागों के खातों के संचालन और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में अहम मानी जा रही है।
एजेंसी का कहना है कि इन अधिकारियों से पूछताछ के दौरान फर्जी दस्तावेजों, अवैध ट्रांजैक्शन और अन्य आरोपियों के साथ कथित मिलीभगत से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। जांच एजेंसी पहले ही इस मामले में कई बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और वरिष्ठ IAS अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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CBI का दावा है कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों से करोड़ों रुपये की अनियमित निकासी और ट्रांसफर सुनियोजित तरीके से किए गए थे। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए दोनों बैंक अधिकारियों की भूमिका सरकारी खातों के संचालन, फर्जी बैंकिंग दस्तावेजों के इस्तेमाल और संदिग्ध फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रही है। CBI अब रिमांड के दौरान दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क और घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।