Haryana News: हरियाणा विधानसभा के तीन दिवसीय मानसून सत्र के दौरान हुई घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारवार्ता में हुड्डा ने कहा कि उनके राजनीतिक करियर में उन्होंने इस तरह की घटना पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि वह चार बार सांसद और छह बार विधायक रहे हैं, लेकिन जिस तरह से विपक्षी विधायकों को विधानसभा जाने से रोका गया, ऐसा कभी नहीं हुआ।
हुड्डा ने कहा कि विधानसभा जाना विपक्षी विधायकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उन्हें विधानसभा जाने से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के पास बोलने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए विपक्ष को रोकने का प्रयास किया गया। हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी गलती नहीं मानी और उल्टा विधायकों को ही कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से पूछा था कि आखिर किसके कहने पर विपक्षी विधायकों को रोका गया।
सदन की कार्यवाही पर उठाए सवाए
हुड्डा ने सदन की कार्यवाही पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से जुड़े काम रोको प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के प्रस्ताव लाने से पहले ही मंत्री जवाब देने लगे, जबकि ऐसा कभी नहीं होता। हुड्डा के मुताबिक, मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सारी मांगें मान ली गई हैं और केवल उन्हें पक्का करने की मांग पर राय ली जा रही है।
हुड्डा ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 2014 में सफाई कर्मचारियों को पक्का करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था और आरक्षण को लेकर भी प्रावधान रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने ऐसा नहीं किया और सिर्फ लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। हुड्डा ने कहा कि सदन को गुमराह करने का मतलब प्रदेश की जनता को गुमराह करना है।
HKRN को लेकर भी सरकार पर निशाना
हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के मुद्दे पर भी हुड्डा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सदन में इस मामले पर भी गुमराह किया जा रहा है। हुड्डा के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने खुद माना है कि HKRN के तहत दी जा रही नौकरियां सरकारी नौकरी नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि HKRN के कर्मचारी उनसे मिले हैं और उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए नौकरी से निकाले जाने की जानकारी दी जा रही है।
हुड्डा ने सरकार की भर्तियों और पेपर लीक के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से की गई कोई भी भर्ती कामयाब नहीं हुई। हुड्डा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक हो रहे हैं, जबकि सरकार कुछ और कहती है और करती कुछ और है।
बिजली निजीकरण के मुद्दे पर भी सवाल
गुरुग्राम में बिजली के निजीकरण के मुद्दे पर हुड्डा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि मंत्री इस मामले पर कहते हैं कि वे निजीकरण का विरोध करेंगे। उन्होंने सवाल किया कि सरकार सीधे यह क्यों नहीं कहती कि बिजली का निजीकरण नहीं किया जाएगा। हुड्डा ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
‘हरियाणा की फिस्कल हेल्थ 18 राज्यों में 14वें नंबर पर’
हुड्डा ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 2025 की नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि फिस्कल हेल्थ के मामले में 18 राज्यों में हरियाणा 14वें नंबर पर खिसक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का ज्यादातर राजस्व ब्याज चुकाने में चला जाता है और विकास के लिए 10 फीसदी भी नहीं बचता।