Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सोमवार को थानेसर क्षेत्र में करीब कई घण्टों तक हुई बारिश से अनाज मंडी में खुले में पड़ी धान की फसल भीगने लगी। किसान खुद तिरपाल लेकर फसल को ढकते नजर आए। किसानों का कहना है कि मंडी में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अपनी फसल बचाने के लिए खुद तिरपाल खरीदनी पड़ रही है।
किसानों के अनुसार धान की सरकारी खरीद 25 सितंबर से शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक मंडियों में सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। किसानों का आरोप है कि खरीद में देरी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, जिन किसानों की धान की प्राइवेट खरीद हुई है, उनका आरोप है कि आढ़तियों की ओर से फसल में भारी कटौती की जा रही है। बारिश के बीच किसानों ने सरकार और प्रशासन से जल्द सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की। कुछ किसानों ने कहा कि लगातार बढ़ते आर्थिक नुकसान के चलते उनकी स्थिति गंभीर होती जा रही है।
वहीं, मंडी प्रशासन के अनुसार थानेसर अनाज मंडी में अब तक पीआर धान की करीब 2 लाख 40 हजार क्विंटल आवक हो चुकी है। इसमें से करीब 10,600 क्विंटल धान की प्राइवेट बिक्री हुई है। ई-खरीद के तहत करीब 500 गेट पास और मैनुअल तौर पर करीब 3,000 गेट पास काटे गए हैं। मंडी अध्यक्ष सुरेश सैनी ने बताया कि मंडी में बिजली, पानी, सफाई और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। अब सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार है।