
Haryana News: मधुमक्खी पालन व्यवसाय कम लागत का व्यवसाय है। यह एक ऐसा व्यवसाय है, जिसे समाज के हर वर्ग के लोग कम से कम लागत में शुरुआत कर अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इसी क्रम में करनाल के घरौंडा स्थित इंडो इजराइल सब्जी केंद्र उत्कृष्ट सब्जी केंद्र में 11वें मेगा सब्जी मेले में पहुंचे युवा किसान संदीप जाटान जोकि हरियाणा, जिला - करनाल के खानपुर कलां के रहने वाले हैं। मेले में संदीप को मधुमक्खी पालन के उत्कृष्ट काम के लिए द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। वह खुद भी मधुमक्खी पालन कर लाभान्वित होने के साथ ही अन्य युवाओं के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं। संदीप जटैन नेचुरल हनी ब्रांड से अपने हनी को मार्केट में सेल करते हैं। ऐसे में आइये जानते हैं संदीप जाटान की सफलता की कहानी।
मधुमक्खी पालन की शुरुआत करनाल के गांव खानपुर कलां के रहने वाले संदीप के पिता ने 1994में मधुमक्खी पालन व्यवसाय को शुरू किया था। जिसके बाद संदीप ने भी इस व्यवसाय को अपना लिया और तब से वह मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। वह बताते हैं कि वर्त्तमान समय में उनके पास 4500बॉक्स हैं और उन्हें बेस्ट बी-कीपिंग अवार्ड से भी नवाज़ा जा चुका है। इसके साथ ही वे बी ब्रीडर भी हैं।
सीजन के हिसाब से करते है माइग्रेट
मधुमक्खी पालन किस सीजन में करते हैं संदीप जाटान ने बताया कि वे सीजन के हिसाब से अपने मधुमक्खी पालन बिजनेस को स्टेट वाइज माइग्रेट करते रहते हैं। गर्मियों में वे हिमाचल, जम्मू-कश्मीर में ये पालन करते हैं। इस सीजन में उनकी मक्खी सेब पर पोलीनेशन के लिए भी चली जाती हैं और कुछ किसान मधुमक्खीयों को पॉलिनेशन के लिए किराये पर भी लेते हैं और इसके लिए 800से 900रुपए प्रति बॉक्स पर किराया मिलता है और सर्दियों में राजस्थान, मध्यप्रदेश में वहां हमें सरसों के अलावा, कई छोटी -छोटी फसलें मिल जाती है जिससे हनी का अच्छा उत्पादन होता है।
मधुमक्खी पालन में लागत संदीप के अनुसार इस पालन की शुरुआत हम लगभग 50हजार रुपए से भी कर सकते हैं। अगर हम मधुमक्खी पालन बिजनेस को अक्टूबर या नवंबर में शुरू करते हैं और जितना हमने इस पर निवेश किया है वो सारा नवंबर-दिसंबर में पूरा हो जाता है। दरअसल जितना लगाया होता है, उतने तक की कमाई हो जाती है, क्योंकि वर्तमान में हनी की डिमांड ज्यादा होने की वजह से मार्किट में प्राइस रेट भी अच्छा है। इससे आप 2महीने में ही लागत जितनी कमाई कर लेंगे और जैसे-जैसे समय बढ़ेगा,मुनाफा भी बढ़ता जायेगा।
मधुमक्खी पालन में होनी वाली समस्याएं मधुमक्खी पालन को शुरू करने पर सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि इसे माइग्रेट करने के लिए घर से दूर रहना पड़ता है। दूसरी जगह में जाकर पालन के लिए सही जगह का निरक्षण करना पड़ता है, क्योंकि इससे ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए माइग्रेट करना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, मधुमक्खी पालन में चोरी की भी समस्या आती है. कई बार लोग बॉक्स चोरी कर के बाजार में बेच देते हैं, इसलिए सतर्क रहना पड़ता है।
मधुमक्खी पालन पर मिलती है सब्सिडी
मधुमक्खी पालन पर सब्सिडी यदि आप मधुमक्खी पालन बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं, तो किसी भी ट्रेनिंग सेंटर या केवीके रामनगर कुरुक्षेत्र व एनडीआरआई करनाल से ट्रेनिंग लेकर के खादी या नाबार्ड के जरिये इस पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए अप्लाई करते हैं, तो सरकार द्वारा जनरल श्रेणी के उम्मीदवार को 25फीसदी सब्सिडी दी जाती है, अनुसूचित जाति वालों को 35फीसदी और महिला वर्ग को 40फीसदी सब्सिडी दी जाती है।
संदीप के मुताबिक, मधुमक्खी पालन बिजनेस को छोटे स्तर पर शुरू करके आगे चलकर इस बिजनेस को बड़े स्तर पर किया जा सकता है, ताकि भविष्य में इस बिजनेस से मोटी कमाई की जा सकें। संदीप के मुताबिक, कोरोना की वजह से कई बिजनेस ठप हो गये, लेकिन मधुमक्खी पालन बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा, बल्कि इसकी डिमांड और बढ़ी है। संदीप ने बताया कि हम अपने फार्म पर प्रैक्टिकल ट्रेंनिंग और बी बॉक्स भी देते हैं और ट्रेनी को काम करने के बदले कुछ पैसा रहना खाना भी दिया जाता हैं।
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